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जयपुर। जयपुर जिले में मानसून ने सांगानेर में अभी तक सबसे ज्यादा राहत दी है। यहां पर एक जून से लेकर अभी तक जिले की सबसे ज्यादा 622.6 मिमी यानी 24.90 इंच बारिश दर्ज की गई है। जयपुर शहर की स्थिति को देखे तो अभी तक यहां 459 मिमी यानी 18 इंच बारिश हुई है। सबसे कम बारिश जिले के मौजमाबाद में 229 मिमी यानी 9 इंच दर्ज की गई है। वहीं जिले की औसत बारिश करीब 15 इंच दर्ज की गई है। सभी आंकडे जयपुर कलक्ट्रेट के है। इसके अलावा मौसम विभाग के आकंडों को देखें तो अभी तक जयपुर में 460 मिमी बारिश हुई है।
देर रात बरसे मेघ, सुबह जागे तो मौसम सुहाना
इधर बुधवार देर रात तीन बजे जोरदार बारिश हुई। सुबह आठ बजे तक बारिश चलती रही। इसके बाद भी बूंदाबांदी होती रही। सुबह लोग जागे तो मौसम सुहाना मिला। वहीं ठंडी हवाओं से लोगों को राहत मिली। सुबह स्कूल जाते समय छोटे बच्चों को थोडी परेशानी जरूर हुई। सडकों पर पानी भरा मिला। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को जयपुर में 1.50 इंच बारिश दर्ज की गई।
24 घंटों में राज्य के 16 जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार अलवर, बांसवाडा, बांरा, दौसा, करौली, प्रतापगढ, भरतपुर, भीलवाडा, बूंदी, धौलपुर, डूंगरपुर, झालावाड, कोटा, सवाईमाधोपुर, टोंक व उदयपुर में इस दौरान भारी बारिश हो सकती है।
बेणेश्वर धाम फिर बना टापू
माही, सोम और जाखम नदियों में उफान के कारण चहुंओर पानी से घिरने के बाद आदिवासियों का तीर्थ स्थल बेणेश्वर धाम गुरुवार को दूसरे दिन भी टापू बना रहा। सुबह नदियों का जलस्तर कम होने से धाम में मौजूद पचास लोगों में रामदेवरा से लौटे दस श्रद्धालु और दस श्रमिक साबला पुल पर बह रहे हल्के पानी में से बाहर आ गए। शेष दुकानदार और धाम पर रहने वाले लोग हैं जो वहीं पर रुके हुए हैं। दोपहर में नदियों का जलस्तर फिर एक बार बढ़़ा तो साबला, गनोड़ा और वलाई पुल पर फिर आवाजाही बंद हो गई, लेकिन शाम को साबला पुल पर फिर पानी कम हो गया। बेणेश्वर धाम के त्रिवेणी संगम पर 25 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों का विर्सजन भी होना है।