Jaipur News: यह बांध किसी समय जयपुर और आसपास के इलाकों में रहने वाले तीस लाख से भी ज्यादा लोगों की प्यास बुझाने का एक मात्र साधन था।
राजस्थान में इस बार मानसून मेहरबान है और जमकर बरस रहा है। अभी तक करीब 44 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है प्रदेश में और लगभग हर बड़े बांध में पानी की आवक शानदार हुई है। लेकिन इतना होने के बाद भी राजस्थान का एक बांध ऐसा है जो पानी को तरस रहा है। यह बांध किसी समय जयपुर और आसपास के इलाकों में रहने वाले तीस लाख से भी ज्यादा लोगों की प्यास बुझाने का एक मात्र साधन था। इस बांध का नाम है रामगढ़ बांध……। जिसकी उम्र करीब 121 साल हो चुकी है।
65 फीट गहरा और 15 वर्ग किलोमीटर में फैला है बांध
रियासत काल के दौरान रामगढ़ बांध का निर्माण महाराज माधोसिंह ने कराया था। साल 1997 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था और यह करीब 1903 में बनकर तैयार हुआ था। उस समय इसके निर्माण में पांच लाख 85 हजार रुपए से भी ज्यादा की रकम लगी थी। बांध की उम्र वर्तमान में करीब 121 साल हो चुकी है। इसका विस्तार 15.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र है और इसकी गहराई करीब 65 फीट तक है। बांध का कैचमेंट एरिया 759 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कुल पानी की भराव क्षमता 75 मिलियन क्यूबिक मीटर है।
साल 2000 के बाद से बांध में पानी की आवक कम होने लग गई और लगातार अतिक्रमण भरने लगे। वर्तमान में बांध के कैचमेंट एरिया में करीब पांच सौ अतिक्रमण बने हुए हैं। जिनके बारे में संबधित विभागों के पास भी पूरी जानकारी है। बांध को लेकर हाल ही में विधानसभा में भी विधायकों ने सरकार से सवाल - जवाब किए थे। जयपुर में साल 1970 की बाढ़ के दौरान बांध में इतना पानी आया था कि उस समय कई दिनों तक करीब छह फीट की चादर बांध पर चली थी। वर्तमान में बांध की ओर वाले नदी - नाले भी पूरी तरह से सूख चुके हैं।