
हाईकोर्ट ने राजस्थान पत्रिका में मर गया रामगढ़ शीर्षक से प्रकाशित फोटो स्टोरी के आधार पर ठीक 15 साल पहले 12 अगस्त को ही स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज की, अब इसी याचिका पर गुरुवार को फिर सुनवाई होनी है। कोर्ट ने बीते माह के अंत में टिप्पणी की थी कि मीटिंग में चाय बिस्किट खाते हो, नाम लाओ बांध के प्रवाह क्षेत्र में किसके होटल, रिसोर्ट और फॉर्म हाउस पानी आने के रास्ते में बाधा बने हुए हैं। इस सख्त टिप्पणी के बाद अब जयपुर कलक्टर की बारी है, जिनकी ओर से हाईकोर्ट में अतिक्रमण व पानी में रुकावटों को लेकर रिपोर्ट पेश की जानी है। प्रशासन की रिपोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश दोनों पर ही जयपुर वासियों व रामगढ़ बांध क्षेत्र और उसके प्रवाह क्षेत्र के आसपास के लोगों की निगाह रहेगी।
इन सभी परिस्थितियों को लेकर कोर्ट के सामने जो विकल्प हो सकते हैं, उनको राजस्थान पत्रिका ने वरिष्ठ विधिवेत्ताओं से बात कर विजुअलाइज करने (धरातल पर उतारने) का प्रयास किया है।