
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी ने भले ही अभी तक घनश्याम तिवाड़ी का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया हो, लेकिन उन्होंने रविवार को अपनी ही पार्टी भारत वाहिनी की सदस्यता ग्रहण कर ली। वहीं, पार्टी के सदस्यों ने उनसे प्रदेश अध्यक्ष का पद ग्रहण करने का प्रस्ताव भी दे दिया है।
पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अखिलेश तिवाड़ी ने बताया कि जयपुर में पार्टी के पदाधिकारियों तथा सदस्यों की आवश्यक मीटिंग हुई ,जिसमें यह प्रस्ताव रखा गया, जिसमें आग्रह किया जाए कि वे पार्टी का राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष का पदभार सम्भालें। मीटिंग में उपस्थित घनश्याम तिवाड़ी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया।
तीन जुलाई को पहला सम्मेलन
3 जुलाई को जयपुर के बिड़ला सभागार में भारत वाहिनी का प्रथम प्रदेश प्रतिनिधि सम्मेलन लोकार्पण समारोह आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में तिवाड़ी अपना पदभार ग्रहण कर अपना अध्यक्षीय उद्बोधन देंगे। इसमें वे पार्टी के प्रतिनिधियों के समक्ष देश-प्रदेश की स्थिति का वर्णन करते हुए तथा प्रदेश के आगामी चुनावों को देखते हुए भारत वाहिनी की आगे की कार्ययोजना रखेंगे। सम्मेलन में दीनदयाल वाहिनी की समस्त इकाइयों का भारत वाहिनी में विधिवत समावेश होगा। 16 अप्रेल 2018 को हुई दीनदयाल वाहिनी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इस बाबत प्रस्ताव पारित किया जा चुका है।
सम्मेलन में प्रदेश भर की सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के कऱीब 2000 प्रतिनिधि भाग लेंगे। विभिन्न जिला इकाइयों ने प्रतिनिधियों के पंजीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया है।
२5 जून को दिया था इस्तीफा
घनश्याम तिवाड़ी ने हाल ही में भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा देने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिख दिया था। हालांकि, अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार हुआ है या नहीं। इस पर कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन, सूत्रों की मानें तो अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। क्योंकि, यदि इस्तीफा स्वीकार कर दिया जाता तो इसकी सूचना राजस्थान विधानसभा को भी भेजनी पड़ती। अभी तक विधानसभा में भी घनश्याम तिवाड़ी के इस्तीफे की सूचना भाजपा की ओर से नहीं भेजी गई है। यदि सूचना भेजी जाती है तो तिवाड़ी की सदस्यता दल बदल कानून के तहत रद्द हो जाएगी।