Advisory For Holi: गोविंददेवजी मंदिर में राजभोग झांकी में ठाकुर जी के साथ श्रद्धालु फूलों की होली खेलेंगे। किसी भी प्रकार के गुलाल, वाटर कलर या कलर सिलेंडर का उपयोग निषेध रहेगा।
जयपुर। गोविंददेवजी मंदिर में पहली बार श्रद्धालु होली पर गुलाल नहीं उड़ा सकेंगे। इस बार पुलिस प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक, मंदिर में श्रद्धालुओं को गुलाल और रंग ठाकुरजी की ओर उड़ाने पर रोक लगा दी गई है। कोई भी श्रद्धालु मंदिर में गुलाल लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा। इस बार मंदिर में फूलों से होली खेली जाएगी। इसके लिए मंदिर के प्रवेश द्वार पर जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर के भीतर जाने दिया जाएगा। साथ ही सांस संबंधी बीमारी वाले श्रद्धालुओं को होली पर मंदिर न आने की सलाह दी गई है। हालांकि अभी से मंदिर परिसर में गुलाल ले जाने पर रोक लगा रखी है, लेकिन श्रद्धालु फिर भी गुलाल ले जाने से नहीं रुक रहे है।
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रंग और गुलाल उड़ाने पर रोक लगाने का फैसला
बता दें कि होली के दिन गोविंददेवजी मंदिर में श्रद्धालु ठाकुरजी को गुलाल अर्पित करते हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से राजभोग झांकी के बाद भक्तों पर गुलाल उड़ाई जाती है। मंदिर में इस दिन गुलाल होली खेली जाती है। इस दिन ठाकुरजी भक्तों के साथ होली खेलते हैं। ऐसे में मंदिर में आने श्रद्धालु ठाकुरजी की ओर रंग और गुलाल उड़ाते हैं। इस बार मंदिर प्रशासन ने ठाकुरजी की ओर सीधे तौर पर रंग और गुलाल उड़ाने पर रोक लगाने का फैसला लिया है। इस बार गुलाल की बजाय फूलों से होली खेली जाएगी। प्रशासन के फैसले को लेकर श्रद्धालु और मंदिर प्रशासन असमंजस की स्थिति में है। गौरतलब प्रयागराज सहित कई धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के एक ही स्थान पर देर तक डटे रहने से हुए हादसों से पुलिस प्रशासन ने सबक लिया है। इसके कारण इस बार प्रशासन ने गोविंददेवजी मंदिर में गुलाल होली खेलने पर रोक लगा दी है।