
पेड़ों को कटने से रोकने और पर्यावरण प्रदूषण से बचने के लिए इस बार भी गोकाष्ठ से होलिका दहन करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। जयपुर शहर में दो हजार जगहों पर गोकाष्ठ से होलिका दहन का लक्ष्य रखा गया है। इसे लेकर नगर निगम ग्रेटर के उप महापौर पुनीत कर्णावट ने गुरुवार को सामाजिक व व्यापारिक संगठन और मोहल्ला विकास समितियों के पदाधिकारियों के साथ निगम मुख्यालय पर बैठक की।
कर्णावट ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों व सामाजिक कार्यक्रमों में गोकाष्ठ का उपयोग करके लाखों पेड़ों को कटने से बचाया जा सकता है। कोरोना काल में पेड़ों के महत्व को हमने अच्छी तरह से समझा है, जब लोगों के इलाज में ऑक्सीजन की भारी कमी महसूस हुई थी। पर्यावरण व प्रकृति संरक्षण एवं गौसंवर्धन के उद्देश्य से प्रारम्भ किए गए इस अभियान को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि होलिका दहन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में गोकाष्ठ का अधिकाधिक उपयोग किया जाए। इस दौरान विभिन्न संस्था प्रतिनिधियों ने अभियान में सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि जयपुर में स्थापित किए गए विभिन्न केंद्रों पर गोकाष्ठ की बुकिंग शुरू कर दी गई है तथा 151 किलो गोकाष्ठ के लिए 21 सौ रुपए की सहयोग राशि ली जा रही है, जिसका उपयोग गायों के भरण पोषण व गोशालाओं के विकास में किया जाएगा। बैठक में गोमय परिवार संस्था के सीताराम गुप्ता, पिंजरापोल गोशाला के ट्रस्टी राधेश्याम विजयवर्गीय, श्रीनारायण धाम गोशाला के विष्णु अग्रवाल, श्री राम आशा पुराण चरेटेबिल ट्रस्ट के नवीन भंडारी व राजापार्क व्यापार मंडल के अध्यक्ष रवि नैय्यर सहित अनेक पार्षद व समिति चेयरमैन उपस्थित थे।