जयपुर। जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सुनील शर्मा की नियुक्ति के दो दिन बाद शनिवार को इस पद के दूसरे दावेदार पुष्पेन्द्र भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया। उन्होंने लिखा मेहनत और संघर्ष में इतना बुरा नहीं जितना बताया जाता हूं…! बस किस्मत मेरे साथ नहीं इसलिए हर बार ठुकराया जाता […]
जयपुर। जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सुनील शर्मा की नियुक्ति के दो दिन बाद शनिवार को इस पद के दूसरे दावेदार पुष्पेन्द्र भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया। उन्होंने लिखा मेहनत और संघर्ष में इतना बुरा नहीं जितना बताया जाता हूं...! बस किस्मत मेरे साथ नहीं इसलिए हर बार ठुकराया जाता हूं..!!..। भारद्वाज की इस पोस्ट की कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में चर्चा रही। गौरतलब है कि पुष्पेन्द्र भारद्वाज सांगानेर विधानसभा से लगातार दो बार कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हैं। पहले चुनाव में उन्हें भाजपा के अशोक लाहोटी और दूसरे चुनाव में भजनलाल शर्मा से हार का सामना करना पड़ा।
पोस्ट के संदेश पर भारद्वाज ने पत्रिका के सवाल पर कहा कि उन्हें कांग्रेस पार्टी से कोई शिकायत नहीं है। कांग्रेस ने ही उन्हें उनकी क्षेत्र में सक्रियता के आधार पर दो बार सांगानेर से प्रत्याशी बनाया। लेकिन जीत नहीं सके। इसी तरह शहर अध्यक्ष पद पर भी उन्हें नियुक्ति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि यह उनके मन का सामान्य दर्द है, जो उन्होंने सार्वजनिक तौर पर जाहिर किया है। भारद्वाज अभी प्रदेश कांग्रेस महासचिव हैं और राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के अध्यक्ष रह चुके हैं।
पुष्पेन्द्र की थी मजबूत दावेदारी
शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पुष्पेन्द्र भारद्वाज की इस बार मजबूत दावेदारी थी। उनका मुकाबला सुनील शर्मा से था। दोनों कमी दावेदारी के चलते जयपुर शहर अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की घोषणा काफी देरी से हुई। शर्मा को लोकसभा चुनाव में जयपुर शहर से प्रत्याशी बनाया गया था। लेकिन