भारत के पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) रंजन गोगोई को राष्ट्रपति द्वारा ऊपरी सदन राज्यसभा के लिए मनोनीत करने के बाद शुरू हुए विवाद के बीच उनकी प्रतिक्रिया सामने आयी है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा ''मैं कल दिल्ली जाऊंगा. पहले मुझे शपथ लेने दीजिए फिर मैं मीडिया से विस्तार से बात करूंगा कि मैंने यह क्यों स्वीकार किया और मैं राज्यसभा क्यों जा रहा हूं''.
भारत के पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) रंजन गोगोई को राष्ट्रपति द्वारा ऊपरी सदन राज्यसभा के लिए मनोनीत करने के बाद शुरू हुए विवाद के बीच उनकी प्रतिक्रिया सामने आयी है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा ''मैं कल दिल्ली जाऊंगा. पहले मुझे शपथ लेने दीजिए फिर मैं मीडिया से विस्तार से बात करूंगा कि मैंने यह क्यों स्वीकार किया और मैं राज्यसभा क्यों जा रहा हूं''.
सोमवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा एक अभूतपूर्व निर्णय में उन्हें राज्यसभा भेजे जाने के फैसले के बाद विवाद छिड़ गया था. कई विपक्षी नेताओं ने गोगोई के चयन पर सवाल उठाये थे. रंजन गोगोई ने असम के गुवाहाटी में संवाददाताओं से मंगलवार को बात की. जस्टिस गोगोई पिछले साल नवंबर में लगभग 13 महीने तक सुप्रीम कोर्ट की अगुवाई करने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे.
रंजन गोगोई चार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों में से एक थे, जिन्होंने जनवरी 2018 में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी. उस वक्त दीपक मिश्रा मुख्य न्यायाधीश थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि वह चुनिंदा मामलों को अपने पसंदीदा जजों को सौंप रहे हैं. यह पहली बार है जब किसी मुख्य न्यायाधीश (CJI) को राज्यसभा के लिए नामित किया गया है.
रंजन गोगोई चार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों में से एक थे, जिन्होंने जनवरी 2018 में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी. उस वक्त दीपक मिश्रा मुख्य न्यायाधीश थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि वह चुनिंदा मामलों को अपने पसंदीदा जजों को सौंप रहे हैं. यह पहली बार है जब किसी मुख्य न्यायाधीश (CJI) को राज्यसभा के लिए नामित किया गया है.