
पूर्व सीएम अशोक गहलोत (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। राजस्थान में नीट 2026 परीक्षा से पहले पेपर लीक और 'गेस पेपर' वायरल मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अशोक गहलोत ने एक बार फिर ओएमआर शीट का भी मामला उठा दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में पहले भी ओएमआर शीट बदलने का मामला सामने आया था, लेकिन उसे दबा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले में सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के नाम सामने आ रहे थे, इसलिए कार्रवाई को दबाने का प्रयास किया गया। गहलोत ने कहा कि वर्तमान में भी कई लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने गड़बड़ी की है तो सरकार को खुलकर कार्रवाई करनी चाहिए और जनता को सच्चाई बतानी चाहिए।
गहलोत ने कांग्रेस सरकार का बचाव करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पेपर लीक के मामलों में तत्काल कार्रवाई की गई थी। जरूरत पड़ने पर परीक्षाएं रद्द की गईं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि राजस्थान से नीट का पेपर आउट होना सरकार के लिए शर्म की बात है, क्योंकि एसओजी अधिकारी भी इस मामले को गंभीर मान रहे हैं।
इधर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि NEET 2024 के बाद अब NEET 2026 भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले 'गेस पेपर' के नाम पर हूबहू सवाल वायरल होना बेहद गंभीर मामला है। डोटासरा ने दावा किया कि पेपर परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले व्हाट्सएप पर घूम रहा था और देहरादून, सीकर तथा झुंझुनूं से कई संदिग्धों को पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं करोड़ों युवाओं के भरोसे को तोड़ रही हैं।
वहीं आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने भी सरकार और सिस्टम पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने मेहनती विद्यार्थियों के सपनों को तोड़ दिया है। बेनीवाल ने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष करते हैं, लेकिन पेपर माफिया पैसों के दम पर युवाओं का भविष्य बेच रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ उम्रकैद जैसी सख्त सजा का प्रावधान लागू किया जाए।
गौरतलब है कि नीट 2026 परीक्षा के बाद सीकर में 'गेस पेपर' के कई सवाल असली परीक्षा में मिलने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद डीजीपी के निर्देश पर एटीएस और एसओजी ने जांच शुरू की। जांच एजेंसियां कई संदिग्ध छात्रों और युवकों से पूछताछ कर रही हैं। मामले को लेकर प्रदेशभर के अभ्यर्थियों में चिंता और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
Published on:
11 May 2026 10:13 pm
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