मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने गुरुवार देर रात 25 आईएएस (IAS) अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर ब्यूरोक्रेसी को नई दिशा देने की कोशिश की है। इस पूरी सूची में सबसे ज्यादा चर्चा सुश्री आरती डोगरा की हो रही है, जिनका कद और जिम्मेदारियां इस बदलाव के बाद पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई हैं।
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के 25 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस फेरबदल का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु ऊर्जा विभाग रहा है। प्रदेश की बेहद चर्चित और प्रभावशाली आईएएस आरती डोगरा (Arti Dogra) को अब राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र का 'बॉस' बना दिया गया है। उनके पास अब न केवल नीति निर्धारण की जिम्मेदारी होगी, बल्कि प्रदेश की बिजली वितरण और प्रसारण व्यवस्था की कमान भी उन्हीं के हाथों में होगी।
ताज़ा प्रशासनिक फेरबदल के बाद आरती डोगरा अब प्रदेश की सबसे शक्तिशाली महिला अधिकारियों में शुमार हो गई हैं। उनके नए पदों का दायरा बेहद व्यापक है:
IAS आरती डोगरा उन लोगों के लिए एक जीवंत मिसाल हैं जो अपनी शारीरिक सीमाओं को अपनी कमजोरी मान लेते हैं।
आरती डोगरा को ऊर्जा क्षेत्र का पुराना अनुभव है। वे पहले जोधपुर डिस्कॉम की एमडी रह चुकी हैं, जहाँ उन्होंने बिजली चोरी रोकने और राजस्व सुधार में कड़े फैसले लिए थे। अब जब राजस्थान ऊर्जा संकट और बिजली कंपनियों के घाटे से जूझ रहा है, तो सरकार ने उनकी कार्यक्षमता पर भरोसा जताते हुए उन्हें 'मल्टीपल चार्ज' सौंपे हैं।
सरकार ने आरती डोगरा के अलावा 24 अन्य आईएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी हैं। इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रहण, जल संसाधन और नगरीय विकास जैसे विभागों में गति लाना है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जो अधिकारी फील्ड में रिजल्ट देंगे, उन्हें महत्वपूर्ण विभागों की कमान सौंपी जाएगी।
आरती डोगरा केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जानी जाती हैं। उन्होंने अनाथ बेटियों को गोद लेने के लिए डॉक्टरों को प्रेरित किया और दिव्यांगों के लिए मतदान की ऐसी व्यवस्था की कि उन्हें राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।