राजस्थान के 3.71 करोड़ प्रमाण पत्र (जन्म-मृत्यु और विवाह) पर पहचान का संकट खड़ा गया है।
अश्विनी भदौरिया
राजस्थान सिविल रजिस्ट्रेशन प्रणाली की वेबसाइट बदलने से राज्य भर की 3.71 करोड़ प्रमाण पत्र (जन्म-मृत्यु और विवाह) पर पहचान का संकट खड़ा गया है। प्रमाण पत्र पर लगे क्यूआर कोड स्कैन नहीं होने से आवेदन खाजिर हो रहे हैं। ऐसे में आधार कार्ड अटके रहे हैं और सत्यापन भी अटक गए हैं। पिछले 15 दिन से लोग आधार कार्ड, अपार आईडी और पासपोर्ट बनवाने के लेकर सरनेमबदलवाने के लिए परेशान हो रहे हैं।
दरअसल, 20 और 21 मार्च को पहचान पोर्टल की बेवसाइट को बदला गया। पहले पहचान raj.nic.in थी। जिसे बदलकर पहचान rajasthan.gov.in कर दिया गया। ऐसे में पुरानी वेबसाइट से जो जन्म-मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र जारी हुए, उनकी वैद्यता पर संकट खड़ा हो गया।
राजधानी के नगर निगम मुख्यालय, जोन कार्यालयों के अलावा ऑर्बिट मॉल में संचालित आधार केंद्र पर लोग दिन भर परेशान रहते हैं। आधार कार्ड बनाने के दौरान क्यूआर कोर्ड स्कैन न होने से आवेदकों को निगम में प्रमाण पत्र को अपडेट करने के लिए भेजा जाता है। ऐसे में लोग घनचक्कर बने हुए हैं। यही वजह है कि निगम में आवेदनों की संख्या पहले से दोगुना हो गई है।
पुरानी वेबसाइट पर बने प्रमाण पत्रों के क्यूआर कोड को स्कैन करने में दिक्कत आ रही है। आधार की टीम से बात चल रही है। क्यूआर कोड अलग से देकर व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे। अगले सप्ताह से व्यवस्था सुचारू हो जाएगी।- सुदेश कुमार, अतिरिक्त मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन)
1.अभी स्कूलों में एडमिशन का समय चल रहा है। परिजन जन्म प्रमाण पत्र लेकर आधार कार्ड बनवाने जाते हैं। क्यूआर कोड स्कैन न होने से आधार खारिज हो रहा है। अपार आइडी भी नहीं बन पा रही।
2.सरकारी योजना और विदेश जाने के लिए विवाह प्रमाण पत्र भी स्कैन नहीं हो रहे। सर नेम चेंज कराने में भी दिक्कत आ रही है।
3.मृत्यु प्रमाण पत्र बैंक खाते में जमा पैसे, लोन और एफडी का लेनदेन करने के लिए भी क्यूआर कोड स्कैन का प्रावधान है।