IMD Red Alert: राजस्थान में मानसून से पहले ही एक बार अचानक मौसम पूरी तरह से बदल गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के चूरू, हनुमानगढ़, झुंझुनू, सीकर, टोंक और सवाई माधोपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 6 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

जयपुर। राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 6 जिलों में रेड अलर्ट जारी करते हुए 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से आंधी, तेज मेघगर्जन, ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग का यह तात्कालिकि अलर्ट है। विभाग के अनुसार चूरू, हनुमानगढ़, झुंझुनू, सीकर, टोंक और सवाई माधोपुर जिले में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की आशंका है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने श्रीगंगानगर, बीकानेर, डीडवाना-कुचामन, जयपुर, कोटपूतली बहरोड़, अलवर, दौसा, करौली और बूंदी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, वज्रपात, ओलावृष्टि तथा हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा नागौर, अजमेर, खैरथल-तिजारा, डीग, भरतपुर और धौलपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां जोर पकड़ने लगी हैं। बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र में शुक्रवार को करीब दो घंटे तक हुई बारिश के बाद सिरसा नदी में उफान आ गया। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए और बहाव का नजारा देखने लगे। शाहाबाद को बारां जिले का चेरापूंजी कहा जाता है, जहां हर साल सबसे अधिक बारिश दर्ज होती है। तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए।
बारां शहर समेत जिले के कई हिस्सों में बादल छाए रहे, जबकि शाहाबाद क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई। अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कस्बाथाना क्षेत्र में तेज आंधी के कारण कई मकानों और दुकानों के टीन-टप्पर उड़ गए। वहीं जलवाड़ा में करीब आधे घंटे तक हुई रिमझिम बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।
उधर श्रीगंगानगर जिले में भी मौसम का मिजाज बदला और कई ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश तथा ओलावृष्टि हुई। कुछ स्थानों पर चने के आकार के ओले गिरे और पेड़ों की टहनियां टूटने से आवागमन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रेड अलर्ट वाले जिलों में बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, सोलर पैनलों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को फसलों को सुरक्षित रखने और लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी गई है।