
घबराएं नहीं
इम्प्राम्प्टू स्पीकिंग का मास्टर बनने के लिए आपको हर समय तैयार रहना चाहिए। यदि सामने वाला व्यक्ति आपसे कुछ बोलने के लिए कहें तो घबराएं नहीं बल्कि आत्मविश्वास से अपने विचार रखें। इस बात पर भी ध्यान नहीं दे कि आप किस ओर बात कर रहे हैं। माना आपके बॉस ने किसी रिपोर्ट पर बोलने के लिए कहा है तो आप यह इंतजार न करें कि कोई अन्य व्यक्ति बोलें। बल्कि अपना परिचय देते हुए बोलना शुरू कर दें। आपको यह नहीं सोचना चाहिए कि लोग क्या कहेंगे। इसी तरह यदि आप सोच-विचार कर बोलेंगे तो आपका समय सोचने में ही खर्च हो जाएगा।
बार- बार करें अभ्यास
किसी भी हुनर को निखारने के लिए बार-बार अभ्यास करना जरूरी है। यदि आप बोलने की कला विकसित करना चाहते हैं तो इसके लिए आप आइने के सामने खड़े होकर स्वयं से बात करें। किसी भी एक विषय को लेकर अपने को-वर्कर्स के साथ चर्चा करें।
अपरिचित लोगों से बात करें
अपरिचित लोगों से बात करके भी आप इम्प्राम्प्टू स्पीकिंग को अच्छा कर सकते हैं। इसका फायदा प्रोफेशनल लाइफ में भी मिलेगा। आप क्लाइंट को बेहतर तरह से कम्यूनिकेट कर सकेंगे। साथ ही प्रोफेशनल मीटिंग में भी आपका प्रदर्शन बेहतर होगा।
भाषा में दक्षता हासिल करें
जिस भाषा में आप बोलना चाहते हैं उसी भाषा में यदि आप सोचेंगे तो बोलने की कला विकसित की जा सकती है। इसके लिए उसी भाषा से संबंधित ओडियो बुक्स या टेप सुने एवं मूवी देखें। अपने विचारों पर ध्यान दें। साथ ही लोगों की बातों को भी ध्यान से सुनें।
शांत रखें व्यवहार
तत्काल बोलने की कला को विकसित करने के लिए आपका व्यवहार भी शांत होना चाहिए। इसके लिए पर्सनल लाइफ में अपने व्यवहार पर ध्यान दें। यदि आपके सामने अचानक से कोई नकारात्मक परिस्थितियां आती है तो आपको कुछ भी रिएक्ट नहीं करें। इस तरह लंबे समय तक इस आदत को अपनाने से आपका माइंड को भी उसी के अनुरूप बदल जाएगा। आप अचानक से आने वाली परिस्थितियों को हैंडल करना सीख जाएंगे, जो इम्प्राम्प्टू या आशुभाषण के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए अपने व्यक्तित्व को शांत रखने का प्रयास करें।