शहर के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में प्रशासन को मरीजों की कोई सुध नहीं है। यहां कर्मचारियों की लापरवाही के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के सिटी स्कैन जांच के वार्ड में मरीज चार दिन से अपनी जांच लेने के लिए इधर - उधर भटक रहे है, कर्मचारी लोगो को आज नहीं कल रिपोर्ट देंगे
शहर के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में प्रशासन को मरीजों की कोई सुध नहीं है। यहां कर्मचारियों की लापरवाही के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के सिटी स्कैन जांच के वार्ड में मरीज चार दिन से अपनी जांच लेने के लिए इधर - उधर भटक रहे है, कर्मचारी लोगो को आज नहीं कल रिपोर्ट देंगे कहके टरका रहे है।
लोगो का कहना है की तीन चार दिन बाद जब वे रिपोर्ट लेने जाते है तो काउंटर पर बैठा कर्मचारी कहता है, जांच ख़राब हो गई फिरसे करवानी होगी। ऐसे में मरीज जाए तो कहां जाए। परिजन सलीमा ने बताया की वह अपनी बहु अनवरी यूट्रस में गांठ होने का इलाज करवाने आई है। यहां डॉक्टर ने उसकी सिटी स्कैन जांच करवाने को कहा, उन्होंने उसी दिन मरीज की जांच करवा ली तो उन्हें अगले दिन रिपोर्ट देने को कहा। अगले दिन वे रिपोर्ट लेने गए तो उन्हें फिर एक दो दिन का आश्वासन दे दिया, सलीमा ने बताया की वे चार दिन बीतने के बाद रविवार को जांच लेने गए तो उन्हें कहा गया जांच बिगड़ है दुबारा करवानी होगी।
राजेन्द्र सिंह की मां लोंगश्री देवी (60) लखवे से पीड़ित है, उसकी 20 मई को सिटी स्कैन जांच की गई थी। उसके बाद जब रविवार को राजेन्द्र जांच की रिपोर्ट लेने आया तो काउंटर पर उसे अगले दिन रिपोर्ट आने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया। लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के कारण मरीज की जांच रिपोर्ट डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाती, ऐसे में मरीज का इलाज कैसे संभव होगा।