
—शहरी क्षेत्र में 1000 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 250 रुपए बढ़ोतरी
—अभी गांवों के लिए 750 रुपए और शहरों के लिए 3000 हजार रुपए मिल रहे थे
जयपुर
राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में चलाए जा रहे ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जो किराए के भवनों में चल रहे है। अब ऐसे केंद्रों को बढ़ा हुआ किराया मिलेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने शहरी परियोजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों व मिनी केंद्रों के लिए एक हजार रुपए किराया बढ़ाया है। अब हर महीने इन केंद्रों को 4000 हजार रुपए किराए के रुप में मिल सकेंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्र की परियोजनाओं के तहत चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया ढाई सौ रुपए बढ़ाकर 1000 हजार कर दिया गया है।
विभाग की मानें तो बच्चों के लिए केंद्र पर सभी जरुरी सुविधाएं जिसमें पीने का स्वच्छ पानी जिसके लिए वॉटर कूलर हो, बैठने के लिए उचित व्यवस्था, साफ—सफाई युक्त शौचालय, गुणवत्तायुक्त पोषाहार, खेलने के लिए मैदान आदि मिल सके इसके लिए किराए में बढोतरी की गई है। समेकित बाल विकास सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत राज्य में किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के बेहतर संचालन के लिए केंद्र सरकार की 'एम्पार्वड प्रोग्राम कमेटी' की बैठक हुई थी। इसके बाद ही किराया बढ़ाए जाने की घोषणा की गई।
अभी ये मिल रहा था—
अब तक ग्रामीण क्षेत्र में 750 रुपए और शहरी क्षेत्र में 3000 हजार रुपए दिए जाते थे। लेकिन किराया कम होने से जगह भी मन पंसद नहीं मिल रही थी। एक कमरे में ही केंद्र का संचालन हो रहा था। बच्चे प्री—स्कूल एजुकेशन के साथ पोषाहार लेते और निकल जाते।
जबकि ये है केंद्र खुलने के मापदंड—
कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के मापदंडों के अनुसार बच्चों के लिए खेल का मैदान, शौचालय आदि बेसिक सुविधा होना जरुरी है। साथ ही कमरे की साइज उतनी हो जहां पर कम से कम 15 बच्चे एक साथ बैठ सके।