जयपुर

बारिश में बढ़ा पशुओं में संक्रमण का खतरा, लापरवाही पड़ सकती है भारी

Aug 08, 2026
Rajasthan

बांदीकुई (बडिय़ाल कलां). बारिश होने पर लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन पशुपालकों के लिए यह मौसम सतर्कता की परीक्षा बन गया है। पशुशालाओं में नमी, गंदगी, दूषित पानी और सड़ा-गला चारा पशुओं में खुर संक्रमण, त्वचा रोग, दस्त, जूं तथा अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा रहे हैं। बीमारी बढ़ने पर दूध उत्पादन और पशुपालकों की आय भी प्रभावित हो सकती है। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से साफ-सफाई, सूखी पशुशाला, संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण और नियमित निगरानी रखने की अपील की है। पशुओं में तेज बुखार, भूख कम लगना, सुस्ती, मुंह या पैरों में घाव, दस्त, सांस लेने में परेशानी अथवा दूध उत्पादन कम होने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।

इनका कहना है...
"बारिश में पशुओं को सूखे, स्वच्छ और हवादार स्थान पर रखें। पशुशाला में पानी जमा नहीं होने दें। लंबे समय तक नमी रहने से खुरों और त्वचा में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।"
मिंटू राम सैनी, पशुपालक, होडी का गोला (मूंडघिस्या)

"दूषित पानी और फफूंद लगा चारा पशुओं में बीमारियां बढ़ाता है। हरे और सूखे चारे का संतुलित उपयोग करें तथा चारे को नमी से बचाकर सुरक्षित रखें।
छुट्टन लाल सैनी, पशुपालक, धांधो लाई

एक्सपर्ट व्यू
"पशुओं को स्वच्छ पानी दें, खुरों की नियमित सफाई करें तथा समय-समय पर टीकाकरण और कृमिनाशन करवाएं। किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय में उपचार कराएं।"
डॉ. अंकित कुमार सेठी, पशु चिकित्सा अधिकारी

फैक्ट फाइल



जिले में दुधारू पशुधन संख्या



गोवंश 1,51,525



भैंस 5,26,460



बकरियां 3,11,068

Updated on:
08 Aug 2026 06:00 am
Published on:
08 Aug 2026 06:00 am