जयपुर

इंडिया एनर्जी वीक, 17 देशों के मंत्री होंगे शामिल 

वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाला इंडिया एनर्जी वीक (अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कार्यक्रम) का आयोजन 27 से 30 जनवरी तक गोवा स्थित ओएनजीसी एटीआई में किया जाएगा।
2 min read
Jan 26, 2026
India Energy Week
फोटो पत्रिका

नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाला इंडिया एनर्जी वीक (अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कार्यक्रम) का आयोजन 27 से 30 जनवरी तक गोवा स्थित ओएनजीसी एटीआई में किया जाएगा। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और डीकार्बोनाइजेशन जैसे बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर दुनियाभर के ऊर्जा मंत्री, नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थान, शिक्षाविद और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। उदृघाटन प्रधानमंत्री करेंगे।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक इस दौरान प्रधानमंत्री की गोलमेज बैठक, विभिन्न देशों के साथ ऊर्जा संवाद, तथा स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने वाले विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। मीडिया एडवाइजर राजीव जैन के अनुसार आयोजन परिसर मे ही वृहद स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें डिजिटलीकरण और एआई, हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, बायोफ्यूल्स, एलएनजी, मेक इन इंडिया और नेट-जीरो समाधान जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। इस बार परमाणु ऊर्जा और सतत विमानन ईंधन को भी शामिल किया गया है।

17 देशों के मंत्री होंगे शामिल

इस आयोजन में 75 हजार से अधिक प्रतिनिधि और 500 से अधिक वैश्विक वक्ता शामिल होंगे। साथ ही 120 से अधिक सम्मेलन सत्र आयोजित किए जाएंगे। संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, नीदरलैंड्स, ओमान, ब्रुनेई, म्यांमार, तंजानिया सहित कुल 17 देशों के मंत्री और उप-मंत्री आ रहे हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच, बिम्सटेक और यूरेशियन आर्थिक संघ जैसे प्रमुख संगठन भी इसमें शामिल होंगे।

नवाचार और स्टार्टअप को मिलेगा विशेष मंच

नवाचार और स्टार्टअप की भागीदारी पर विशेष फोकस होगा। स्टार्टअप चैलेंज, वसुधा 3.0 और आइआइटी सहित हैकाथॉन चैलेंज आयोजित किए जाएंगे।। ये गतिविधियां एआई-आधारित ऊर्जा दक्षता, हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था और चक्रीय अर्थव्यवस्था सहित ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों पर केंद्रित होंगी।

अकेले भारत 23 प्रतिशत खपत करेगा

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के विश्व ऊर्जा आउटलुक के मुताबिक, अकेले भारत ही 2050 तक वैश्विक ऊर्जा मांग की 23 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी खपत करेगा, जो विश्व में सर्वाधिक होगा। इसी पृष्ठभूमि में, इंडिया एनर्जी वीक-2026 नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों को साथ मिलकर अनुकूल ऊर्जा प्रणाली सुदृढ़ करने और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा।

Updated on:
26 Jan 2026 02:23 pm
Published on:
26 Jan 2026 02:23 pm