भारतीय परिवार ने दो सालों में अपने घर के गार्डन में पूरा हेलीकॉप्टर ही बना लिया
जयपुर। कोरोना महामारी के कारण दुनियाभर के देशों में दो साल तक लॉकडाउन रहा। लॉकडाउन में कुछ लोगों ने तरह-तरह के पकवान बनाए तो किसी ने खुद घर पेंट कर डाला, वहीं कई लोगों ने अपनी हॉबीज को समय दिया। लेकिन विदेश में रह रहे एक भारतीय परिवार ने इन दो सालों में अपने घर के गार्डन में पूरा हेलीकॉप्टर ही बना लिया। हेलीकॉप्टर का अर्थ किसी मॉडल से नहीं है, बल्कि यह फॉर सीटर हेलीकॉप्टर बाकायदा आसमान में उड़ान भरता है और सेफ लैंड भी करता है।
1,600 घंटे की कड़ी मेहनत
घर में ही हेलीकॉप्टर बनाने का यह कमाल किया है इंग्लैंड के एसेक्स में रहने वाले अशोक अलीसेरिल और उनके परिवार ने। इस परिवार ने 1,600 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद इस हेलीकॉप्टर को बनाने में सफलता हासिल की। अशोक ने जहां हेलीकॉप्टर का मॉडल तैयार किया, वहीं उनकी पत्नी अबी ने इसकी उड़ान से संबंधित सभी कागजी कार्रवाइयां पूरी कीं। छह साल की बेटी तारा अपने पापा के साथ पैकेजिंग और विगेट्स को जोड़ने में मदद करती और आखिरकार इस परिवार ने वो कर दिखाया जो नामुमकिन लगता था। इस फॉर सीटर हेलीकॉप्टर को बनाने में करीब एक लाख साठ हजार पाउंड्स खर्च हुए हैं, जो अशोक के परिवार ने अपनी बजट और क्रेडिट कार्ड से खर्च किए। इस हेलीकॉप्टर का नाम अशोक की छोटी बेटी के नाम पर जी-दीया रखा गया है।
कभी जो पागल बोलते थे, वे अब उड़ान भरना चाहते हैं
38 वर्षीय अशोक और अबी ने बताया कि फिलहाल जी-दीया को रोयस्टन, हर्टफोर्डशायर के एक विशाल हैंगर में रखा गया है। अशोक अब जल्द ही स्लिंग के यूके वितरक टिम हार्डी के साथ एक परीक्षण उड़ान भरने वाले हैं। उसके पास पायलट लाइसेंस है, लेकिन परिवार के साथ उड़ान भरने से पहले उन्हें पांच पर्यवेक्षित घंटे पूरे करने होंगे। अशोक कहते हैं कि हेलीकॉप्टर को बनाने से पहले जो लोग हमें पागल बोलते थे, वे अब सबसे पहले सवारी करने वालों की लिस्ट में शामिल होने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।
अशोक फोर्ड कंपनी में इंजीनियर हैं और अबी डेटा विश्लेषक है। दोनों भारत से हैं। वे मास्टर्स डिग्री के लिए अध्ययन करने के लिए यूके आए थे। पहले वे ऑनलाइन मिले, फिर 2011 में दोनों ने शादी कर ली। वे इंग्लैंड में अपनी दो बेटियों के साथ रहते हैं।