
पाली/राजसमंद। राजस्थान का नाम आते ही जेहन में अक्सर रेतीले धोरों की तस्वीर उभरती है, लेकिन प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में अरावली की पहाड़ियों के बीच एक ऐसा रेल मार्ग है, जो आपको स्विट्जरलैंड की वादियों का अहसास कराता है। उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR) द्वारा संचालित 'वैली क्वीन हेरिटेज रेल' आज के दौर में राजस्थान के सबसे अनूठे पर्यटन आकर्षणों में से एक है। 150 साल पुराने भाप इंजन के लुक वाली यह ट्रेन पर्यटकों को आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ इतिहास के पन्नों में ले जाती है।
वैली क्वीन का सबसे बड़ा आकर्षण इसका विंटेज डिजाइन है। हालांकि यह डीजल से चलती है, लेकिन इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह पुराने स्टीम इंजन (भाप के इंजन) जैसा दिखे।
यह रेल सफर रोमांच की पराकाष्ठा है। मारवाड़ जंक्शन से कामलीघाट के बीच का यह 47 किलोमीटर का सफर अद्भुत इंजीनियरिंग का नमूना है।
सफर का सबसे मुख्य पड़ाव गोरम घाट है। मानसून के दौरान (जुलाई से सितंबर) यहाँ पहाड़ियों से गिरते दूधिया झरने और चारों तरफ फैली हरियाली इसे 'मिनी-कश्मीर' जैसा लुक देती है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए रेलवे ने इसका शेड्यूल काफी सुविधाजनक रखा है:
इस ट्रेन में केवल 60 सीटें (विस्टाडोम कोच) होती हैं, इसलिए इसकी बुकिंग बहुत जल्दी फुल हो जाती है।