जयपुर

Valley Queen Heritage Train : राजस्थान की इस ‘स्पेशल ट्रेन’ में सफर नहीं किया तो क्या ही किया? जानें शेड्यूल और खासियतों से लेकर सब कुछ 

राजस्थान के मारवाड़ और मेवाड़ अंचल को जोड़ने वाली 'वैली क्वीन हेरिटेज रेल' (Valley Queen Heritage Rail) केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि अरावली की सुंदर वादियों में सफर करने का एक जादुई अनुभव है।
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Updated: 15 Feb 2026, 3:15 PM IST
Valley Queen Heritage Train

पाली/राजसमंद। राजस्थान का नाम आते ही जेहन में अक्सर रेतीले धोरों की तस्वीर उभरती है, लेकिन प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में अरावली की पहाड़ियों के बीच एक ऐसा रेल मार्ग है, जो आपको स्विट्जरलैंड की वादियों का अहसास कराता है। उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR) द्वारा संचालित 'वैली क्वीन हेरिटेज रेल' आज के दौर में राजस्थान के सबसे अनूठे पर्यटन आकर्षणों में से एक है। 150 साल पुराने भाप इंजन के लुक वाली यह ट्रेन पर्यटकों को आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ इतिहास के पन्नों में ले जाती है।

विंटेज लुक और शाही अनुभव

वैली क्वीन का सबसे बड़ा आकर्षण इसका विंटेज डिजाइन है। हालांकि यह डीजल से चलती है, लेकिन इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह पुराने स्टीम इंजन (भाप के इंजन) जैसा दिखे।

  • कोच की सजावट: ट्रेन के डिब्बों पर राजस्थानी कला संस्कृति, हाथी, घोड़े और पालकी के चित्र उकेरे गए हैं।
  • विस्टाडोम कोच: इसमें अत्याधुनिक विस्टाडोम (Vistadome) कोच लगा है, जिसकी बड़ी कांच की खिड़कियां यात्रियों को बाहर के मनोरम दृश्यों का 360-डिग्री अनुभव देती हैं।

रोमांचक सफर: 172 पुल और 2 ऐतिहासिक सुरंगें

यह रेल सफर रोमांच की पराकाष्ठा है। मारवाड़ जंक्शन से कामलीघाट के बीच का यह 47 किलोमीटर का सफर अद्भुत इंजीनियरिंग का नमूना है।

  • ब्रिटिश काल की विरासत: यह ट्रैक आजादी से पहले का है। सफर के दौरान ट्रेन 172 छोटे-बड़े पुलों से गुजरती है।
  • अंधेरी सुरंगें: रास्ते में दो ऐसी सुरंगें (Tunnels) आती हैं जो करीब 100 साल पुरानी हैं। सुरंग के अंदर से गुजरते समय का रोमांच बच्चों और बड़ों दोनों को रोमांचित कर देता है।

'गोरम घाट': राजस्थान का अपना मिनी-कश्मीर

सफर का सबसे मुख्य पड़ाव गोरम घाट है। मानसून के दौरान (जुलाई से सितंबर) यहाँ पहाड़ियों से गिरते दूधिया झरने और चारों तरफ फैली हरियाली इसे 'मिनी-कश्मीर' जैसा लुक देती है।

  • हॉल्ट: ट्रेन यहाँ रुकती है, जहाँ यात्री नीचे उतरकर अरावली की ताजी हवा का आनंद ले सकते हैं और फोटोग्राफी कर सकते हैं।
  • ट्रेकिंग का मज़ा: एडवेंचर के शौकीन लोग यहाँ के पहाड़ी रास्तों पर छोटी ट्रेकिंग भी कर सकते हैं।

समय सारणी और किराया

पर्यटकों की सुविधा के लिए रेलवे ने इसका शेड्यूल काफी सुविधाजनक रखा है:

  • संचालन: यह ट्रेन सप्ताह में चुनिंदा दिन (प्रायः शनिवार, रविवार के अलावा मंगलवार, बुधवार और शुक्रवार) चलती है।
  • समय: मारवाड़ जंक्शन से सुबह लगभग 09:45 बजे रवाना होकर दोपहर 12:45 बजे कामलीघाट पहुँचती है। वापसी में दोपहर बाद रवाना होकर शाम तक मारवाड़ लौट आती है।
  • किराया: प्रति व्यक्ति किराया ₹2,000 के आसपास है, जिसमें रिफ्रेशमेंट (नाश्ता और चाय) शामिल होता है।

बुकिंग और जरूरी टिप्स

इस ट्रेन में केवल 60 सीटें (विस्टाडोम कोच) होती हैं, इसलिए इसकी बुकिंग बहुत जल्दी फुल हो जाती है।

  • ऑनलाइन बुकिंग: यात्री IRCTC की वेबसाइट या ऐप के माध्यम से पहले से सीट रिजर्व करा सकते हैं।
  • ग्रुप बुकिंग: 10 से अधिक लोगों के ग्रुप के लिए रेलवे विशेष व्यवस्था भी देता है।
  • कब जाएँ: वैसे तो सर्दियों (अक्टूबर से मार्च) का मौसम सुहावना होता है, लेकिन झरनों का असली आनंद लेने के लिए अगस्त-सितंबर का समय सबसे बेहतरीन है।
Updated on:
15 Feb 2026, 3:15 PM IST
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