Indian Railways: राजस्थान सहित देशभर में ट्रेन की पटरियों के किनारे 'H' लिखा रहता है। लेकिन, रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भी इसका मतलब नहीं पता होता है। आज हम आपको इसके पीछे का बड़ा कारण बताने जा रहे हैं।
ट्रेन में सफर के दौरान अक्सर यात्रियों ने देखा होगा कि पटरियों के किनारे अंग्रेजी अल्फाबेट का 'एच' अक्षर लिखा होता है। रेलवे में नौकरी करने वाले लोग इसका मतलब अच्छी तरह से जानते है। लेकिन, खुद को जीके का महारथी समझने वाले लोगों को भी इसका मतलब पता नहीं होता है।
ट्रेन में सफर के दौरान आपने गौर किया होगा कि एक्सप्रेस ट्रेनें कई बार प्लेटफॉर्म से कुछ ही दूर पहले रुक जाती है। जहां पर अंग्रेजी अल्फाबेट का 'एच' अक्षर लिखा होता है। दरअसल, ये जगह 'हॉल्ट' कहलाती है, यहां अक्सर लोकल ट्रेनों को रोका जाता है। लेकिन, कभी-कभी प्लेटफॉर्म खाली ना होने की वजह से एक्सप्रेस ट्रेनों को भी यहां खड़ा कर दिया जाता है।
रेलवे स्टेशन से कुछ किलोमीटर पहले हॉल्ट होता है। अंग्रेजी अल्फाबेट के इस 'एच' अक्षर को देखकर लोको पायलट को पता चल जाता है कि आगे रेलवे स्टेशन है और वह ट्रेन की रफ्तार धीमी कर देता है। ऐसे मे हादसों से बचाव में यह 'एच' अक्षर अहम भूमिका निभाता है।