जयपुर

कर्नाटक में सियासी उठापठक काे लेकर अशाेक गहलाेत ने माेदी, शाह पर लगाया बड़ा आराेप

कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए भाजपा काे न्याेता दिए जाने पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री आैर कांग्रेस महासचिव अशाेक गहलाेत का बड़ा बयान आया है।

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May 17, 2018
modi and gehlot

जयपुर। कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर दो दिन से जारी सियासी उठापठक का फिलहाल पटाक्षेप हो गया है। राज्यपाल वजुभाई वाला ने बुधवार देर शाम बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दे दिया। भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा गुरुवार सुबह नौ बजे राजभवन में सीएम पद की शपथ लेंगे।

कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए भाजपा काे न्याेता दिए जाने पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री आैर कांग्रेस महासचिव अशाेक गहलाेत का बड़ा बयान आया है। गहलाेत ने TWEET किया कि सरकार बनाने के लिए भाजपा काे आमंत्रण संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। यह लोकतंत्र के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा ने न तो बहुमत हासिल किया है और न ही अधिकतम वोट शेयर। एेसे में कर्नाटक के माननीय राज्यपाल की आेर से लिया गया निर्णय पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह निर्णय प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष के दबाव में लिया गया है।

बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन की मोहलत
पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येड्डियूरप्पा आज (गुरुवार) को प्रदेश के 24 वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। राज्यपाल वजूभाई वाळा ने बुधवार रात येड्डियूरप्पा को सबसे बड़ी पार्टी के नेता के तौर पर सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। इसके साथ ही सरकार के गठन को लेकर चल रहा कयासों का दौर भी खत्म हो गया। हालांकि, कांग्रेस ने इसे सुप्रीम काेर्ट के फैसले के खिलाफ बताया है।

राज्यपाल ने येड्डियूरप्पा को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है। प्रदेश भाजपा के सूत्रों के मुताबिक गुरुवार सुबह 9 बजे राजभवन के ग्लास हाउस में आयोजित कार्यक्रम में येड्डियूरप्पा अकेले शपथ लेंगे। येड्डियूरप्पा तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले 2007 में सिर्फ 7 दिन और उसके बाद 2008 में येड्डियूरप्पा दूसरी बार मुख्यमंत्री बने और 1160 दिन पद पर रहे।

बहुमत साबित करने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हाेगा
भाजपा के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने बुधवार रात पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्यपाल ने येड्डियूरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है और वे गुरुवार को अकेले शपथ लेंगे और विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। इस बीच, कांग्रेस ने विधायकों को ऑपरेशन कमल से बचाने के लिए शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक रिजार्ट में ठहराया है।

शपथ ग्रहण पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
पार्टी सूत्रों के मुताबिक आनंद सिंह को छोड़कर बाकी 77 विधायक रिजार्ट में हैं। जद ध ने भी अपने विधायकों को शहर के एक होटल में ठहराया है। उल्लेखनीय है कि कर्नाटक चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बनाने का दावा किया। दूसरी ओर, राज्यपाल के इस फैसले को कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने अलोकतांत्रिक बताया।

सरकार बनाने को लेकर मध्य रात्रि को उच्चतम न्यायालय पहुंची राजनीतिक लड़ाई अल-सुबह अपने आंशिक मुकाम तक पहुंची और शीर्ष अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता बी एस येदियुरप्पा के राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर आज होने वाले शपथ-ग्रहण पर तत्काल रोक लगाने से मना कर दिया। न्यायालय ने हालांकि स्पष्ट कर दिया कि येदियुरप्पा का पद पर बने रहना मामले के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

Published on:
17 May 2018 08:22 am