
राजस्थान पुलिस बेड़े में अपनी बेबाक शैली, वैज्ञानिक सोच और सख्त ईमानदारी के लिए चर्चित वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी (आईजी) किशन सहाय 31 जुलाई 2026 को अपनी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। हालांकि, अपनी सेवानिवृत्ति से ठीक दो दिन पहले यानी 29 जुलाई को उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर एक ऐसी पोस्ट साझा की, जिसने प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर आम जनता तक सभी को स्तब्ध कर दिया। पूर्व आईपीएस ने सीधे तौर पर जयपुर के जगतपुरा इलाके में किराए का मकान तलाशने के लिए पोस्ट लिखा था। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी द्वारा बिना किसी अपने घर के रिटायर होना और सार्वजनिक रूप से किराए के मकान की मांग करना सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गया। इस पोस्ट पर 600 से भी ज्यादा कमेंट्स आए हैं, जिनमें लोगों ने उनकी ईमानदारी, सादगी और निस्वार्थ सेवा भाव की जमकर तारीफ की है।
IPS किशन सहाय ने अपनी जरूरत को बहुत ही सहज और पारदर्शी तरीके से लोगों के सामने रखा। उन्होंने लिखा, "मुझे जयपुर के जगतपुरा इलाके में किराये पर मकान की जरूरत है जिसमें तीन कमरे हों। एक कमरा मिलने वालों के लिए हो जिसमें लेट-बाथ अटैच हो तथा मिलने आने वालों की दो-तीन गाड़ियों की पार्किंग के लिए भी पर्याप्त जगह हो। उन्होंने आगे यह भी लिखा कि यदि मकान में ऊपर बताई गई बातों में थोड़ी बहुत कमोबेशी (कमी) होगी, तो भी चलेगा।''
अपनी पूरी सर्विस के दौरान केवल सरकारी आवासों में रहने के कारण उनके पास किसी भी शहर में अपना निजी मकान नहीं था, इसलिए रिटायरमेंट के तुरंत बाद उन्हें किराए के घर की जरूरत पड़ी।
इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स और उनके समर्थकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। 600 से अधिक लोगों ने कमेंट करके इस अधिकारी के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया।
रमेश मीणा का रिएक्शन: "DIG, DGP जैसी बड़ी पोस्ट से रिटायर होने वाले लोगों के देश के बड़े-बड़े शहरों में बंगले होते हैं और हमारे साहब किराए का मकान ढूंढ रहे हैं। आपकी शख्सियत को सलाम करता हूं।"
विनोद पूकिया का कमेंट: "इतनी बड़ी पोस्ट और वो भी पुलिस! आपको किराए का मकान देखना पड़ रहा है, यह बताता है कि आपने कितनी ईमानदारी से काम किया है। सैल्यूट है सर आपको।"
गुरु धानका का भावुक संदेश: "जिनके ओहदे बड़े होते हैं, वे अक्सर महलों की चाह रखते हैं... पर जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज में 'वैज्ञानिक सोच और मानवता' की अलख जगाने में लगा दिया, उनके लिए दिल से बड़ा कोई घर हो ही नहीं सकता।"
कमलेश मीणा का अनुभव: "आप एक IPS अधिकारी हैं और DIG-IG जैसे बड़े पद पर होते हुए भी एक मकान की विज्ञप्ति निकालना यह साबित करता है कि आप नितांत ही ईमानदार, सेवाभावी, हेल्पफुल और 24 कैरेट सोने जैसी खरेपन की सोच वाले इंसान हैं।"
बलबीर राज का बड़ा ऑफर: "सर अगर मेरा घर जयपुर में होता तो मैं आपको वैसे ही रहने देता, चाहे मुझे खुद रेंट पर रहना पड़ता। आप जैसे ईमानदार लोगों की सख्त जरूरत है इस देश को।"
सुधीर खत्री की प्रतिक्रिया: "सरकारी अधिकारी का ट्रांसफर होता रहता है, जहां पोस्टिंग होती है सरकारी आवास मिल जाता है। मकान की जरूरत रिटायर होने के बाद ही होती है, अब किराए पर रहकर मकान बना लेंगे।"
रिटायरमेंट से ठीक पहले अपनी दूसरी पोस्ट में किशन सहाय ने एक बार फिर अपने लीक से हटकर रवैये का परिचय दिया। उन्होंने स्पष्ट लिखा, "साथियों, 31 जुलाई को रिटायरमेंट के दिन किसी को भी आने की जरूरत नहीं है।"
उन्होंने आगे घोषणा की कि अगस्त महीने में जल्द ही "मानवतावादी विश्व समाज" विचारधारा की एक बड़ी मीटिंग बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मीटिंग के स्थान और तिथि के बारे में जल्द ही सभी शुभचिंतकों को अवगत करा दिया जाएगा, ताकि समाज से अंधविश्वास और कुरीतियों को मिटाने के लिए काम किया जा सके।
आईपीएस किशन सहाय मीणा की सोशल मीडिया प्रेजेंस किसी बड़े राजनेता या सेलिब्रिटी से कम नहीं है, लेकिन उनका अंदाज बिल्कुल अलग है। उनके आधिकारिक फेसबुक पेज पर 2 लाख 71 हजार से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं। सबसे खास बात यह है कि 2.71 लाख फॉलोअर्स होने के बावजूद वे खुद 0 लोगों को फॉलो करते हैं।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया बायो (Bio) में केवल एक शब्द लिख रखा है— "युग प्रवर्तक"। वे अपनी पोस्ट्स के जरिए धार्मिक अंधविश्वास, छुआछूत, जातिवाद और वीआईपी कल्चर के खिलाफ लगातार लिखते रहते हैं, जिसकी वजह से वे हमेशा प्रदेश में चर्चा का केंद्र बने रहते हैं।