
जयपुर। एक तरफ तो पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार करोड़ों रुपए प्रचार पर खर्च कर रही है, दूसरी ओर स्थिति यह है कि आरटीडीसी को अपनी ही वेबसाइट को अपडेट करने की फुर्सत नहीं है। पर्यटकों के लिए शाही सवारी का अहसास कराने वाली पैलेस ऑन व्हील्स वेबसाइट पर पीले रंग में ही दौड़ाया जा रहा है। जबकि पटरी पर यह रेल दौड़ती है तो इसका रंग नीला होता है। ऐसे में विदेशी पर्यटक पसोपेश में पड़ रहे हैं।
इसलिए संशय
पैलेस ऑन व्हील्स को सितंबर से ही बंद कर दिया गया। वहीं रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स का नाम बदलकर पैलेस ऑन व्हील्स कर दिया। ऐसे में रॉयल राजस्थान का रंग नीला था। उसका नाम तो बदलकर पैलेस ऑन व्हील्स कर दिया लेकिन इसका रंग पीला नहीं किया गया। ऐसे में पर्यटक रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं तो गाड़ी पीली नहीं नीले रंग की दिखती है। तीन नवम्बर को आरटीडीसी ने जिन 15 होटल-मोटेल को बंद कर दिया था, उनकी सूची अभी भी वेबसाइट पर है।
बिना तैयारी अगले माह से दौड़ेगी
वहीं, निगम पीले रंग में हैरिटेज पैलेस ऑन व्हील के नाम से दिसम्बर में गाड़ी चालू करने का दावा कर रहा है लेकिन तैयारी अधूरी ही नजर आ रही है। निगम की साइट पर उसके बार में कोई जिक्र नहीं है। हालांकि अधिकारी एक दिसम्बर से चालू करने की बात कर रहे हैं।
पीपीपी मोड पर देने की तैयारी तो नहीं
इधर कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की मंशा ‘व्हील्स’ को पीपीपी मोड पर देने की लग रही है। इसके लिए पहले स्टाफ कम किया गया। पहले ऑन बोर्ड और ऑन साइट दो जीएम होते थे, अब एक जीएम हैं। उनकी नियुक्ति भी संविदा पर की गई है।