
जयपुर। एक ओर जहां देशभर में फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर विवाद हो रहा है, वहीं राजस्थान के एक पूर्व राजपरिवार ने इस फिल्म का समर्थन किया है। बदनोर के पूर्व राजघराने के रणजय सिंह की पत्नी अर्चना सिंह का कहना है कि वो कोई प्रतिक्रिया जाहिर करने से पहले फिल्म देखना चाहेंगी और हर किसी को ऐसा ही करना चाहिए।
अर्चना ने इस तमाशे पर रोक लगाने की बात कही है। अर्चना ने कहा कि मुझे लगता है कि पद्मावती मामले को पूरी तरह पेचीदा बना दिया गया है। मैं एक ऐसे लडक़े को जानती हूं, जिसने इस फिल्म पर काम किया है, उसका कहना है कि फिल्म में एक भी ऐसा सीन नहीं है, जिसमें कोई दिक्कत हो और वो ख़ुद भी एक राजपूत है।
वहीं फेसबुक पर अश्लील टिप्पणी पर दुष्कर्म का केस दर्ज
मध्य प्रदेश के खरगोन में सोशल साइट पर पद्मावती समेत अन्य महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी का मामला सामने आया है। जिसके बाद जितेंद्र सुराणा के खिलाफ रेप की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। ये देश मेंं संभवत: ऐसा पहला मामला है। खरगोन कोतवाली पुलिस ने आरोपी जितेंद्र सुराणा के फेसबुक पोस्ट के विरुद्ध धारा 376 का केस दर्ज किया है। एसपी डी कल्याण चक्रवर्ती के अनुसार पुलिस साइबर टीम की मदद आरोपी की तलाश में जुटी है। आरोपी नीमच जिले का निवासी बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि राजपूतों, राजनेताओं और सामाजिक संगठनों के बाद राजस्थान के कई पूर्व राजघराने भी इस फिल्म के विरोध में खुलकर सामने आए हैं। इन पूर्व राजघरानों का कहना है कि संजय लीला भंसाली को इतिहास की समझ नहीं है। भंसाली ने पूरे इतिहास को तोड़-मरोड़ कर फिल्म में दर्शाया है। जो वे कतई सहन नहीं करेंगे।
इन पूर्व राज परिवारों ने खुलकर किया विरोध
- बीकाने के पूर्व राजघराने की सदस्या और भाजपा विधायक सिद्धी कुमारी ने फिल्म च्पद्मावतीच् को लेकर हो रहे विरोध को सही ठहराया है।
- भिंडर के पूर्व राजघराने के सदस्य रणधीर सिंह भिंडर ने फिल्म पद्मावती को लेकर जोरदार विरोध किया है। उनका कहना है कि राजस्थान में ऐसी कमेटी का गठन किया जाए जिसमें इतिहासकार सम्मिलित हों। इतिहास को लेकर बन रही फिल्मों की इस कमेटी के सामने स्क्रीनिंग की जाए।
- करौली के पूर्व राजघराने की सदस्य अंशिका कुमारी ने फिल्म पद्मावती को लेकर जबरदस्त विरोध किया है। उनके अनुसार संजय लीला भंसाली बीते दो वर्षा से फिल्म के तथ्य सुधारने के लिए कह रहे हैं। लेकिन फिल्म अब रिलीज को तैयार है और उसमें कुछ भी सुधार नहीं किया गया है।
- जयपुर के पूर्व राजघराने के सदस्यों ने भी फिल्म को बिना दिखाए रिलीज न करने की बात कही हैं। पूर्व राजपरिवार की सदस्य और विधायक दीया कुमारी ने कहा कि पद्मावती देश की सभी महिलाओं का आदर्श हैं। किन परिस्थितियों में आकर उन्होंने जौहर किया था, यह बड़ा विषय है। फिल्म के माध्यम से महिलाओं के सम्मान के साथ खेला जा रहा है।
- मेवाड़ राजघराने के महेन्द्र सिंह मेवाड़ फिल्म पर विरोध को उचित ठहराते हुए कहा कि यदि कोई प्रधानमंत्री मोदी के चरित्र के साथ कुछ भी जोडकऱ दिखाएगा तो क्या सेंसर बोर्ड उसे पास कर देगा। उन्होंने संजय लीला भंसाली के साथ सेंसर बोर्ड पर भी आरोप लगाए है।
- जोधपुर के पूर्व राजघराने के सदस्य गज सिंह का कहना है कि ऐतिहासिक नामों का फिल्मकारों को दुरुपयोग नहीं करना चाहिए और अगर इनका उपयोग किया जाए तो उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन ही नहीं होना चाहिए।
Updated on:
27 Nov 2017 04:01 pm
Published on:
27 Nov 2017 03:59 pm
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