
Jaipur : जयपुर। करधनी के गोविंद वाटिका में मां और तीन बेटियों की हत्या के बाद शनिवार को पीहर पक्ष गुजरात से जयपुर पहुंचा। पीहर पक्ष ने आरोपी पति राहुल कुमार झा को सामने लाने की मांग करते हुए पहले शव लेने से इनकार कर दिया। कांवटिया अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद करीब एक घंटे तक शव रखा रहा। पीहर पक्ष राहुल के भाई संजय और अन्य परिजनों से आरोपी को पेश करवाने की मांग पर अड़ा रहा। बाद में पुलिस ने समझाइश कर परिजनों को शांत कराया। इसके बाद चारों शव गोविंद वाटिका स्थित घर ले जाए गए, जहां अंत्येष्टि की गई।
जयपुर के करधनी थानाधिकारी सवाई सिंह ने बताया कि वारदात के बाद से आरोपी राहुल कुमार झा का कोई सुराग नहीं लगा है। आरोपी राहुल अपना मोबाइल भी घर पर ही छोड़कर गया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों व परिचितों के यहां जानकारी जुटा रही है। हालांकि वारदात के बाद वह किसी रिश्तेदार या परिचित के यहां भी नहीं पहुंचा।
पुलिस अब गुजरात से पहुंचे गीता के पीहर पक्ष के सदस्यों के बयान दर्ज करेगी। परिजनों से गीता, राहुल और उनकी तीनों बेटियों के पारिवारिक संबंधों तथा हाल के घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली जाएगी।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम में मां व तीनों बेटियों की मौत का कारण सिर में गंभीर चोट लगना बताया गया है। मां-बेटियों का सीमेंट की ईंट से सिर कुचला हुआ था।
गीता के भतीजे जय शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले बुआ गीता को साड़ी गुजरात भेजनी थी। इस दौरान फूफा राहुल ने पार्सल कराने के लिए कहा था, लेकिन गीता ने राहुल को ही साड़ी लेकर गुजरात भेज दिया। राहुल गुजरात पहुंचा तो वह पहली बार तनाव में नजर आया। वह वहां करीब 24 घंटे ही रुका और इसके बाद वापस जयपुर के लिए रवाना हो गया। भतीजे ने बताया कि इससे पहले बुआ गीता, फूफा राहुल और उनकी बेटियों के बीच कभी झगड़ा होते नहीं देखा गया। परिवार में किसी बड़े विवाद की जानकारी भी पीहर पक्ष को नहीं थी।
40 वर्षीय गीता देवी और उसकी तीन बेटियां 22 वर्षीय नंदिनी, 17 वर्षीय राधिका और 14 वर्षीय गिरिशा उर्फ गोरी की हत्या कर पति राहुल कुमार झा भाग गया।