जयपुर

Zomato Boycott : जयपुर की 60 से ज्यादा मशहूर मिठाई की दुकानें हुईं ऑफलाइन, जोमैटो का किया अनिश्चितकाल तक बहिष्कार

Zomato Boycott : जयपुर की 60 से ज्यादा मिठाई की दुकानें ऑफलाइन हुईं। जयपुर के मिठाई विक्रेताओं और जोमैटो के बीच कमीशन और व्यावसायिक शर्तों को लेकर विवाद हो गया है। जिसके बाद मिठाई दुकानों और आउटलेट्स ने जोमैटो का बहिष्कार का दिया है।
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Updated: 8 Sep 2026, 9:32 PM IST
jaipur 60 famous sweet shops boycotted zomato indefinitely
Zomato Boycott : प्रतीकात्मक फोटो है, जिसे एआई के सहयोग से बनाया गया है।

Zomato Boycott : जोमैटो के कमीशन और व्यावसायिक शर्तों को लेकर जयपुर के मिठाई विक्रेताओं का विवाद अब बहिष्कार तक पहुंच गया है। श्री हलवाई समिति के आह्वान पर शहर की करीब 60 मिठाई दुकानों और आउटलेट्स ने 7 सितंबर से जोमैटो पर अपने स्टोर अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए हैं। समिति का कहना है कि पिछले करीब एक माह से जोमैटो से कई बार पत्राचार के बावजूद कंपनी की ओर से कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया गया। समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र रावत के अनुसार, जोमैटो ने वर्ष 2016 में जयपुर में लॉजिस्टिक्स पार्टनर के रूप में 0 फीसदी कमीशन पर सेवाएं शुरू की थीं। अब मिठाई विक्रेताओं से 22 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है। समिति का तर्क है कि मिठाई कारोबार में कीमतों पर प्रतिस्पर्धा अधिक होने के कारण इतना कमीशन दुकानदारों के लिए आर्थिक रूप से अव्यावहारिक है।

न बैठक न जवाब

7 अगस्त को जोमैटो ने बड़े दुकानदारों के साथ बैठक कर समाधान का आश्वासन दिया था। इसके बाद समिति ने ईमेल के जरिए कमीशन कम करने की मांग रखी और 31 अगस्त तक जवाब व बैठक का अनुरोध किया, लेकिन कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद समिति ने सामूहिक बहिष्कार का फैसला किया।

इन बड़े आउटलेटस ने किया किनारा…

कान्हा, आनंद जी स्वीट्स, एस.एस. सोढ़ानी, रिद्धि सिद्धि, एलएमबी, बीएमबी, भगत मिष्ठान भंडार सहित कई प्रमुख प्रतिष्ठान बहिष्कार में शामिल हैं। समिति अब भी बातचीत से समाधान के लिए तैयार है।

नया नहीं है विवाद

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म और रेस्टोरेंट कारोबारियों के बीच कमीशन, डिस्काउंट, विज्ञापन शुल्क और भुगतान कटौती को लेकर विवाद नया नहीं है। 2022 में नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने जोमैटो और स्विगी की कमीशन व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उस समय आरोप लगाया था कि प्लेटफॉर्म की कमीशन दरें कई मामलों में 20 से 30 प्रतिशत तक पहुंच रही थीं। मामला भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) तक भी पहुंचा।

जोमैटो के बारे में जानिए

जोमैटो एक प्रमुख भारतीय ऑनलाइन फूड डिलीवरी और रेस्तरां डिस्कवरी प्लेटफॉर्म है। इसकी स्थापना 2008 में दीपिंदर गोयल और पंकज चड्डा ने फूडीबे नाम से की थी, जिसे बाद में जोमैटो कर दिया गया। मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है। यह यूजर्स को घर बैठे रेस्तरां से खाना ऑर्डर करने, मेनू देखने, रिव्यू पढ़ने और टेबुल बुक करने की सुविधा देता है। मूल कंपनी अब इटरनल लिमिटेड के नाम से जानी जाती है, जिसके तहत ब्लिंकिट जैसी क्विक कॉमर्स सेवा भी चलती है। जोमैटो मुख्य रूप से भारत में सक्रिय है और देश के सबसे बड़े फूड-टेक ब्रांड्स में से एक है।

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8 Sep 2026, 9:32 PM IST
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