जयपुर

परिवहन अधिकारी गार्ड के मोबाइल से मांगते थे बंधी

रिश्वत में बंधी प्रकरण: 34 के खिलाफ मामला दर्ज, 17 अधिकारी, 5 गार्ड और 12 दलाल अब तक नामजद, 15 हो चुके गिरफ्तार
2 min read
Feb 19, 2020
acb
acb jaipur

जयपुर. परिवहन विभाग में रिश्वत में बंधी प्रकरण में अधिकारियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। आठ अधिकारियों को गिरफ्तार करने के बाद एसीबी ने कुल 17 अधिकारियों के खिलाफ बंधी मांगने का मामला दर्ज किया है। एफआइआर में परिवहन विभाग के 5 गार्ड और 12 दलालों को भी नामजद किया है। एसीबी के डीजी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि परिवहन विभाग के कुछ अधिकारी सीधे तौर पर खुद बंधी नहीं लेते थे। वे अपने साथ रहने वाले गार्डों के जरिए बंधी की उगाही करते थे। परिवहन विभाग से रिकॉर्ड मिलने के बाद पता चलेगा कि नामजद गार्ड सरकारी हैं या संविदा पर लगे हुए हैं।

गार्ड के पीछे से बोलते, गत माह की भी नहीं मिली

एसीबी सूत्रों के मुताबिक, एसीबी के टारगेट पर 22 फोन थे। इनमें पांच गार्डों के भी फोन सर्विलांस पर लिए गए थे। फील्ड में ड्यूटी के दौरान कुछ परिवहन निरीक्षक सीधे तौर पर ट्रांसपोर्टर को फोन नहींं करते थे। वे अपने गार्ड से बंधी के लिए फोन करवाते। फोन की रिकॉर्डिंग में सामने आया कि गार्ड फोन पर ट्रांसपोर्टर से बंधी मांगता, तब एक दो परिवहन निरीक्षक पीछे से बोलते हैं कि ट्रांसपोर्टर से कह कि गत माह की भी बंधी अभी नहीं पहुंची है। दोनों माह की बंधी समय पर पहुंचा दें। नहीं तो वाहन चलने नहीं दिए जाएंगे।

बंधी के बंटवारे को लेकर पूछताछ

एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि एसीबी की टीम गिरफ्तार शाहजहांपुर डीटीओ गजेन्द्र सिंह, चौमूं डीटीओ विनय बंसल, मुख्यालय डीटीओ महेश शर्मा, परिवहन निरीक्षक शिवचरण मीणा, उदयवीर सिंह, आलोक बुढ़ानिया, नवीन जैन, रतन लाल और दलाल बस संचालक गोल्ड लाइन ट्रांसपोर्ट कम्पनी के (दलाल) जसवन्त सिंह यादव, विष्णु कुमार-तनुश्री लॉजिस्टिक, ममता पत्नी योगेश कुमार उर्फ बन्टी-तनुश्री लॉजिस्टिक, मनीष मिश्रा-तनुश्री लॉजिस्टिक, रणवीर, पवन उर्फ पहलवान और विष्णु कौशिक से बंधी की राशि के बंटवारे को लेकर पूछताछ कर रही है। परिवहन विभाग के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के संबंध में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

जुटीं तीन टीमें

अनुसंधान अधिकारी एएसपी आलोक शर्मा के नेतृत्व में एसीबी की तीन टीमें जुटी हैं। एक टीम आरोपियों की सम्पत्ति की जानकारी जुटा रही है। दूसरी पेन ड्राइव और लेपटॉप को खंगाल रही है। जबकि तीसरी टीम पूरे अनुसंधान संबंधित दस्तावेज तैयार कर रही है।

इसलिए किया महिला को गिरफ्तार

एसीबी सूत्रों ने बताया कि ममता का पति योगेश उर्फ बंटी शाहजहांपुर क्षेत्र में सभी ट्रांसपोर्टरों से बंधी की उगाही करता था। बंटी के रेवाड़ी घर पर कई ट्रांसपोर्टर बंधी की रकम देने जाते थे और कुछ लेने। घर पर पूरा अकाउंट्स का काम बंटी की पत्नी ममता संभालती थी। बंटी ममता को फोन कर बता देता था कि किस ट्रांसपोर्टर से कितने रुपए लेने हैं और किसे देने हैं। ममता कम्प्यूटर और डायरी में पूरा हिसाब लिखती थी। ममता को बंधी का पता होने के बाद भी पति का साथ दे रही थी। इसके चलते ममता को भी गिरफ्तार किया है।

Published on:
19 Feb 2020 07:00 am