जयपुर

Jaipur: बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में छोटी सी लापरवाही लगवा रही निगम के चक्कर, यह बरतें सतर्कता

child birth certificate update: जयपुर शहर के निजी और सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को आसान किया गया लेकिन इसमें भी अस्पताल प्रशासन लापरवाही बरत रहे हैं, जिसकी वजह से परिजनों को नगर निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

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Feb 25, 2026
बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र के लिए निगम के चक्कर काटते लोग, पत्रिका फोटो
बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र के लिए निगम के चक्कर काटते लोग, पत्रिका फोटो

child birth certificate update: जयपुर शहर के निजी और सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को आसान किया गया लेकिन इसमें भी अस्पताल प्रशासन लापरवाही बरत रहे हैं, जिसकी वजह से परिजनों को नगर निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। माता-पिता को संशोधन के लिए शपथ पत्र देने से लेकर कई कागजी कार्यवाही से भी गुजरना पड़ रहा है। जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए निगम प्रशासन की ओर से सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को आईडी और पासवर्ड भी दिए हुए हैं।

आधार नंबर नहीं तो काटो चक्कर

साथ ही अस्पताल के ही एक कर्मचारी को नियुक्त किया गया है। जिससे जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल में ही जारी हो सके लेकिन इस कार्य में अस्पताल प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। अस्पताल से जारी जन्म प्रमाण पत्र में बच्चों के नाम उनके माता-पिता के नाम सहित आधार नंबर दर्ज नही होने पर इसके सुधार के लिए परिजनों को शपथ पत्र लेकर निगम के चक्कर काटने पड़ रहे है। पत्रिका संवाददाता ने जब निगम में जाकर स्थिति देखी तो ये हकीकत सामने आई।

केस-1

लाल कोठी नगर निगम में बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए आए मनीष ने कहा कि मेरे बच्चे का जन्म पं.दीनदयाल उपाध्याय (गणगौरी अस्पताल) में हुआ था, जन्म के दौरान अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर आधार कार्ड की फोटो कॉपी सहित सभी जरूरी दस्तावेज जमा करवाए थे, लेकिन प्रमाण पत्र पर नाम सही नही लिखा गया और आधार नंबर भी अंकित नही किया। जिससे बच्चें का आधार कार्ड बनने में परेशानी हो रही है। सुधार के लिए यहां शपथ पत्र मांगा है। जिसको लेकर दो दिनों से चक्कर ही काट रहा हूं।

केस-2

मालवीय नगर जोन नगर निगम में जन्म प्रमाण पत्र काउंटर पर लाइन में लगी मानसी ने कहा कि सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय में बेटी का जन्म हुआ था, जन्म के समय आधार कार्ड की कॉपी जमा कराने के बाद भी आधार का नंबर अंकित नही किया जब अस्पताल के काउंटर पर पूछा तो स्टाफ ने कहा निगम जाकर ठीक करवा लो वहां हो जाएगा। यहां शपथ पत्र के साथ आधार की कॉपी जमा कराने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। उन्होने कहा अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे है।

केस-3

शास्त्री नगर के सिविल लाइन जोन में बेटे का जन्म प्रमाण में संशोधन कराने के लिए सप्ताह भर से निगम के चक्कर लगा रहे असलम कुरैशी ने कहा बेटे का जन्म चांदपोल के जनाना अस्पताल में हुआ था, अस्पताल से डिस्चार्ज के दौरान मिले जन्म प्रमाण पत्र में मेरा नाम और आधार नंबर गलत अंकित होने पर बच्चे का आधार कार्ड नही बन रहा है। प्रमाण पत्र में संशोधन कराने के लिए शपथ पत्र मांगा गया हैं, जिसको लेकर कलेक्ट्रेट कोर्ट जाकर शपथ पत्र बनवाकर लेकर आया हूं।

केस-4

विद्याधर नगर जोन में चार दिनों से चक्कर काट रहे दीनदयाल साहू ने कहा कि बेटी का जन्म निजी अस्पताल में हुआ था, वहां सभी जरूरी कागजात देने के बाद भी जन्म प्रमाण में मेरा नाम गलत अंकित कर दिया। जिसको ठीक कराने के लिए चार दिनों से चक्कर ही काट रहा हूं। उन्होने कहा जिम्मेदारों की गलती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस काम में समय भी ज्यादा लगता है।

जिम्मेदार ये बोले…

अस्पतालों में बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र देते समय आधार नंबर सहित कई खामियां की जा रही हैं, सुधार के लिए माता-पिता से शपथ पत्र सहित इससे जुड़े दस्तावेज लिए जाते है। आमजन को हो रही परेशानी को लेकर जोन क्षेत्र से जुड़े अस्पतालों को मेरी ओर से नोटिस भेज अवगत करवाया जाएगा।

मुकुट सिंह, उपायुक्त मालवीय नगर जोन

Published on:
25 Feb 2026 12:20 am