जयपुर

Rajasthan High Court : 44 वर्ष बाद 17 बैंक कर्मियों को मिला न्याय, राजस्थान हाईकोर्ट ने दिया बड़ा फैसला

Rajasthan High Court : जयपुर स्थित अरबन कॉपरेटिव बैंक ने वर्ष 1982 में 17 बैंक कर्मचारियों की सेवा से हटा दिया। 44 साल चली आ रही इस लड़ाई में राजस्थान हाईकोर्ट ने 17 बैंक कर्मचारियों के हक में फैसला सुनाया। जानें पूरा मामला।
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Jaipur After 44 years 17 bank employees received justice Rajasthan High Court gives a big decision Order given by bank management
फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जयपुर स्थित अरबन कॉपरेटिव बैंक से वर्ष 1982 में हटाए गए 17 कर्मियों को सेवानिवृत्ति बाद बैंक प्रबंधन से पांच-पांच लाख रुपए दिलाए हैं। बैंक प्रबंधन को इस राशि के भुगतान के लिए दो माह का समय दिया है। एकलपीठ ने बकाया परिलाभ सहित सेवा में लेने को कहा था, जिस पर खंडपीठ ने कहा कि सेवानिवृत्ति आयु हो जाने के कारण अब बहाली का कोई औचित्य नहीं है।

न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह व न्यायाधीश अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने अरबन कॉपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक की अपील का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया। तथ्यों के अनुसार राजस्थान कॉपरेटिव कर्मचारी यूनियन की ओर से फरवरी, 1982 में बैंक प्रशासन को मांग पत्र दिया गया। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने करीब 30 कर्मचारियों को सितंबर, 1982 में सेवा से हटा दिया। औद्योगिक विवाद न्यायाधिकरण ने एक अप्रेल, 1991 को न्यायाधिकरण ने एक कर्मचारी त्रिलोकचंद के पक्ष में अवार्ड जारी किया, वहीं अन्य को हटाने को सही माना।

बैंक प्रबंधन ने चुनौती दी थी

मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से पुन: सुनवाई के लिए न्यायाधिकरण के पास भज दिया गया। न्यायाधिकरण ने जुलाई, 2005 में बैंक प्रशासन की कार्रवाई को अवैध मानते हुए कर्मचारियों को बकाया भुगतान सहित सेवा में लेने को कहा। इसके खिलाफ दायर याचिका हाईकोर्ट ने पचास हजार रुपए हर्जाने से साथ खारिज कर दी। बैंक के प्रबंध निदेशक ने इसे खंडपीठ में चुनौती दी।

सुनवाई के दौरान बैंक प्रशासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एके शर्मा ने कहा कि इन कर्मचारियों की सेवा पानी-बिजली के बिल जमा करने के लिए संविदा पर ली गई, वे बैंक कर्मचारी नहीं हैं। बैंक ने प्रत्येक कर्मचारी को 3.60 लाख रुपए देने का प्रस्ताव दिया था। अब सेवानिवृत्ति आयु के कारण इन्हें बहाल नहीं किया जा सकता। इस पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बैंक प्रबंधन से कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को पांच लाख रुपए दिए जाएं।

राजस्थान हाईकोर्ट की खान विभाग को कड़ी फटकार

एक अन्य मामले में अवैध खनन की जांच के नाम पर ड्रोन सर्वे करवाकर पट्टाधारकों को सीधे करोड़ों रुपए का रिकवरी का नोटिस थमाने वाले खान विभाग को राजस्थान हाईकोर्ट से करारा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने चित्तौड़गढ़ के एक खान मालिक को थमाए गए 68.32 करोड़ रुपए की पेनल्टी के नोटिस को रद्द कर दिया है। अदालत ने विभाग की इस कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना सर्वे रिपोर्ट दिए किसी भी व्यक्ति से जवाब मांगना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है। न्यायाधीश संजीत पुरोहित की एकल पीठ ने यह आदेश चित्तौड़गढ़ के सावा निवासी मोहम्मद साबिर खान की ओर से दायर रिट याचिका को दिया।

Updated on:
07 Apr 2026 02:53 pm
Published on:
07 Apr 2026 02:53 pm