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Rajasthan News : कृषि और किसानों को लेकर होंगे कई बड़े बदलाव, जानें कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भाषण की 10 बड़ी बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026' का शुभारंभ करते हुए राजस्थान की धरा से देश के किसानों की तकदीर बदलने का शंखनाद किया। सम्मेलन में कृषि के आधुनिकिकरण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और किसानों की आय दोगुनी करने पर गहन मंथन हुआ।

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राजस्थान की 'गुलाबी नगरी' में कृषि क्षेत्र के एक नए युग की शुरुआत हुई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026' में शिरकत की। यह देश की पहली ऐसी रीजनल कॉन्फ्रेंस है, जिसका आगाज राजस्थान से किया गया है। मंत्री ने साफ किया कि कृषि केवल एक विभाग नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की आत्मा है और राजस्थान सरकार इस दिशा में सबसे गंभीर प्रयास कर रही है।

शिवराज सिंह चौहान के संबोधन की 10 बड़ी बातें

1. राजस्थान से देशभर में आगाज

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश के अलग-अलग क्लाइमेटिक ज़ोन के लिए कुल 5 रीजनल कॉन्फ्रेंस होंगी, जिनका शुभारंभ राजस्थान की 'पवित्र धरा' से हो रहा है। यह प्रदेश के कृषि नेतृत्व की स्वीकारोक्ति है।

2. फार्मर आईडी (Farmer ID) मिशन मोड पर

खाद और बीज का वितरण अब सीधे 'फार्मर आईडी' के माध्यम से होगा। इसे मिशन मोड पर लागू किया जाएगा ताकि बिचौलियों का अंत हो और असली किसान को लाभ मिले।

3. कृषि का अपना 'रोडमैप'

राजस्थान सरकार अपना अलग 'कृषि रोडमैप' तैयार कर रही है। केंद्र सरकार इसमें तकनीकी और आर्थिक रूप से पूरा सहयोग करेगी। बाकी राज्यों को भी अपना रोडमैप बनाने की सलाह दी गई है।

4. दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता

मंत्री ने चिंता जताई कि गेहूं और चने के भंडार भरे हैं, लेकिन दलहन (दालों) का आयात करना पड़ता है। अब लक्ष्य दलहन और तिलहन में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।

5. प्रधानमंत्री फसल बीमा का कवच

बेमौसम बारिश और जलवायु परिवर्तन (चैत्र-वैशाख में सावन-भादो) से होने वाले नुकसान पर सरकार गंभीर है। फसल बीमा योजना के जरिए किसानों को शत-प्रतिशत राहत देने की कोशिश होगी।

6. 6-सूत्रीय रणनीति से दोगुनी होगी आय

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र ने 6 सूत्रीय फॉर्मूला बनाया है, जिसमें लागत कम करना, सही दाम दिलाना और फसल विविधीकरण (Diversification) शामिल है।

7. धरती की उर्वरक क्षमता बचाना जरूरी

रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग से धरती की उर्वरता घट रही है। प्राकृतिक खेती और आधुनिक पद्धतियों को बढ़ावा देना अब अनिवार्य है।

8. राज्यों को पूरी आजादी

केंद्र सरकार कोई भी योजना राज्यों पर थोपेगी नहीं। राज्य अपनी जरूरत के अनुसार 18 प्रमुख योजनाओं में से किसी में भी अधिक धन की मांग कर सकते हैं।

9. किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, 'जीवनदाता'

शिवराज सिंह ने कहा कि किसान के बिना खेती की चर्चा अधूरी है। प्रगतिशील किसान केवल फसल नहीं उगाते, वे देश को पोषण सुरक्षा (Nutrition Security) प्रदान करते हैं।

10. सम्मेलन से 'नो एग्जिट' पॉलिसी

मंत्री ने कड़ाई से कहा कि यह सम्मेलन कोई 'कर्मकांड' नहीं है, बल्कि गंभीर मंथन है। उन्होंने अधिकारियों को ताकीद की कि "फ्लाइट का बहाना नहीं चलेगा, चिंतन से क्रियान्वयन तक सबको साथ रहना होगा।"

राजस्थान: कृषि नवाचार का नया हब

शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार की सराहना करते हुए कहा कि जब भी कृषि विकास की बात आती है, राजस्थान का नाम सबसे पहले आता है। राज्य में अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन होने के कारण यहाँ प्रयोग की अपार संभावनाएं हैं, जिस पर सरकार बेहद गंभीरता से काम कर रही है।

जलवायु परिवर्तन: एक नई चुनौती

मंत्री ने जलवायु परिवर्तन (Climate Change) पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बदलते मौसम चक्र से निपटने के लिए बीजों की नई किस्में और नई तकनीक विकसित करनी होगी, ताकि किसान की मेहनत पर बेमौसम बारिश का पानी न फिरे।