
जयपुर में पेट्रोल-डीजल भराते वाहन चालक। फाइल फोटो - ANI
Rajasthan Petrol-Diesel Price : तेल कंपनियों ने दूरी के नाम पर कथित फार्मूले लगाकर राजस्थान के अलग-अलग जिलों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर कर दिया है। अब प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर बीच की दूरी वाले जिलों में ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक रुपए तक का अंतर आ गया है। वहीं 10 जिलों में पेट्रोल 114 रुपए के पार हो गया है। वहीं 8 जिलों में डीजल की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर के करीब पहुंच गई है। कंपनियों ने रिफाइनरी, टर्मिनल से पेट्रोल-डीजल के परिवहन के नाम पर रिफाइनरी ट्रांसफर मूल्य, राउंड ट्रिप डिस्टेंस और फ्री डिलिवरी जोन जैसे फार्मूले थोप रखे हैं।
पेट्रोल-डीजल पर पहले से ही बेस प्राइस के बाद सेंट्रल एक्साइज डयूटी, स्टेट वैट, रोड सेस जैसे टैक्स वसूल किए जा रहे है। कंपनियां दूरी के हिसाब से रिफाइनरी ट्रांसफर प्राइस, राउंड ट्रिप डिस्टेंस के फार्मूले के हिसाब से परिवहन लागत वसूल रही है। ऐसे में सीमावर्ती जिलों में पेट्रोल-डीजल पहुंचते-पहुंचते उपभोक्ताओं को 2 रुपए तक महंगा पड़ रहा है।
चूरू 114.40
बाडमेर 114.15
बांसवाड़ा 114.15
डूंगरपुर 114.15
हनुमानगढ़ 114.15
झुंझुनूं 114.15
जैसलमेर 114.15
सवाई माधोपुर 114.16
बीकानेर 114.14
चूरू 99.52
जैसलमेर 99.31
बांसवाड़ा 99.22
बीकानेर 99.30
हनुमानगढ़ 99.30
नागौर 99.15
सवाई माधोपुर 99.19
श्रीगंगानगर 99.29
सिरोही 98.85।
तेल कंपनियों ने मुनाफे को बरकरार रखने के लिए सिर्फ शहर के पेट्रोल पंपों को ही फ्री डिलिवरी जोन में शामिल कर रखा है। कंपनियां शहर की सीमा समाप्त होते ही अपने फार्मूलों के हिसाब से पेट्रोल-डीजल की कीमतों का निर्धारण करना शुरू कर देती हैं।
शहर - पेट्रोल-डीजल
जयपुर - 112.66 - 97.78
दौसा - 113.49 - 98.51
भरतपुर - 112.24 - 97.38
धौलपुर - 113.13 - 98.19
जोधपुर - 112.48 - 97.63
जालोर - 113.66 - 98.69
रिफाइनरी और टर्मिनल से दूरी के हिसाब से परिवहन लागत बढ़ती है। हालांकि एक शहर में सभी पेट्रोल पंप फ्री डिलीवरी जोन में शामिल होते हैं और ऐसे में दूरी वाले जिलों के मुकाबले कीमतें कम रहती हैं।
मनोज गुप्ता, समन्वयक, तेल कंपनियां, राजस्थान
देशभर में डीजल की किल्लत और कई राज्यों में शुरू हुई अघोषित 'राशनिंग' ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर को गहरे संकट में डाल दिया है। राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर डीजल की सीमित सप्लाई की जा रही है। हालत यह है कि कई जगह पंप सूखे पड़े है, जबकि जहां डीजल उपलब्ध है, वहां ट्रकों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग रही है। इस संकट का सबसे ज्यादा असर मालवाहक वाहनों पर पड़ रहा है। राजस्थान में करीब 45 लाख मालवाहक वाहन सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
Updated on:
28 May 2026 08:05 am
Published on:
28 May 2026 08:03 am
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