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जयपुर एयरपोर्ट: फूड कोर्ट से एयरोब्रिज तक, जानें कैसे 600 करोड़ से बदलेगा हवाई सफर का अनुभव

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। भीड़भाड़ और लंबी कतारों से छुटकारा जल्द ही संभव होगा, क्योंकि एयरपोर्ट प्रशासन ने मंगलवार से टर्मिनल-2 के 15 हजार वर्गमीटर में विस्तार कार्य शुरू कर दिया है।
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Jun 04, 2025
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जयपुर एयरपोर्ट पर एयरोब्रिज, एप्रन, फूड कोर्ट बनेंगे, पत्रिका फोटो

Rajasthan News: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। भीड़भाड़ और लंबी कतारों से छुटकारा जल्द ही संभव होगा, क्योंकि एयरपोर्ट प्रशासन ने मंगलवार से टर्मिनल-2 के 15 हजार वर्गमीटर में विस्तार कार्य शुरू कर दिया है। यह न सिर्फ टर्मिनल के भौतिक विस्तार की शुरुआत है, बल्कि इसमें यात्री सुविधाओं को भी दोगुना तक बढ़ाया जा रहा है। सेल्फ बैगेज ड्रॉप सिस्टम, नए चेक-इन काउंटर, एयरोब्रिज और फूड कोर्ट जैसी आधुनिक तकनीकी और उपभोक्ता सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। सूत्रों का कहना है कि टर्मिनल-3 का निर्माण कार्य भी अगले वर्ष तक शुरू होने की संभावना है।

6,000 वर्गमीटर में बनेगा फोरकोर्ट

टर्मिनल-2 पर 6 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फोरकोर्ट विकसित किया जाएगा, जिससे यात्रियों का आवागमन और प्रवेश-निकास अधिक सुगम हो सकेगा। इस क्षेत्र में एक दर्जन फूड कोर्ट, शॉप्स और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही 40 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में एक भव्य लैंडस्केप गार्डन और सुंदर पाथवे भी विकसित किए जाएंगे।
वर्तमान में टर्मिनल-2 पर कैनोपी का विस्तार कार्य भी चल रहा है। यह विस्तार पैसेंजर लेन की ओर किया जा रहा है ताकि यात्रियों को मौसम की मार से सुरक्षा और अधिक आरामदायक इंतजार की सुविधा मिल सके।

सेल्फ बैगेज सिस्टम और नए गेट्स

टर्मिनल पर 5 हजार वर्गमीटर के विस्तार में राज्य का पहला सेल्फ बैगेज ड्रॉप सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसमें 8 काउंटर होंगे, जो यात्रियों को अधिक तेजी से बैगेज चेक इन की सुविधा देंगे। इसके साथ ही 9 नई एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे मौजूदा सिस्टम की क्षमता दोगुनी हो जाएगी। बोर्डिंग गेट्स की संख्या 6 से बढ़ाकर 10, और प्रवेश द्वारों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की जाएगी।

8 मिलियन यात्री भार के लिए 14 परियोजनाएं

एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती संख्या और सुविधाओं की मांग को देखते हुए 14 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिन पर करीब 600 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मंगलवार को विधिवत उद्घाटन के साथ टर्मिनल-2 के विस्तार कार्य की शुरुआत कर दी गई। विस्तार कार्य वीआइपी गेट की ओर किया जा रहा है और इसे 1.5 वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नए ढांचे को 8 मिलियन वार्षिक यात्रीभार को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जा रहा है।

एयरोब्रिज और एप्रन भी होंगे विकसित

टर्मिनल-2 पर दो नए एयरोब्रिज बनाए जाएंगे, जिससे अब कुल एयरोब्रिज दोगुने हो जाएंगे। इससे विमानों का टर्नअराउंड टाइम घटेगा और यात्रियों को विमान तक चढ़ने-उतरने में सुविधा मिलेगी। टर्मिनल-1 पर भी एप्रन बनाया जाएगा।

Updated on:
04 Jun 2025 09:03 am
Published on:
04 Jun 2025 09:03 am