जयपुर

जयपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के साथ क्रैश से मचा हड़कंप, गूंजे इमरजेंसी सायरन, एक घंटे तक चली मॉक ड्रिल

Jaipur Airport Mock Drill: जयपुर एयरपोर्ट पर बुधवार को मॉक ड्रिल के दौरान विमान हादसे जैसा माहौल बनाया गया। इसमें CISF समेत सभी एजेंसियों ने मिलकर राहत और बचाव की तैयारियों का अभ्यास किया।
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Jul 23, 2026
Jaipur Airport Mock Drill (1)
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई मॉक एक्सरसाइज (Photo-Patrika)

Jaipur Airport Emergency Exercise: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार को दोपहर के ढाई बजे अहमदाबाद से 96 यात्रियों को लेकर एक विमान उतरा। लैंडिंग के कुछ ही पल बाद सूचना आई कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है और उसमें आग लग गई। कंट्रोल रूम में अलार्म बजा और पूरे एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। रनवे की ओर एयरपोर्ट स्टाफ दौड़ पड़ा। कुछ ही मिनटों में सीआइएसएफ,दमकल, एंबुलेंस, राज्य पुलिस, आपदा प्रबंधन और चिकित्सा टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। विमान के चारों ओर राहत और बचाव दल सक्रिय हो गए। धुएं और आग की आशंका के बीच सीआइएसएफ, फायर फाइटिंग टीम ने मोर्चा संभाला, जबकि रेस्क्यू टीम ने यात्रियों को सुरक्षित निकालना शुरू किया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को स्ट्रेचर के जरिए एंबुलेंस तक पहुंचाया गया।

हादसे जैसा पूरा मंजर

अभ्यास के तहत कुछ यात्रियों की मौत और कई के गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति भी दर्शाई गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान चीख-पुकार और अफरा-तफरी जैसा माहौल दिखाई दिया। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल और रिहैबिलिटेशन सेंटर पहुंचाया गया। वहां उनके परिजनों से मिलाने, सहायता उपलब्ध कराने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। एयरपोर्ट पर मौजूद सीआइएसएफ समेत विभिन्न एजेंसियों ने समन्वय के साथ पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। हालांकि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था।

बार बार यात्रियों को बताते रहे ताकि पैनिक न हों

दरअसल, जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फुल-स्केल एयरोड्रोम इमरजेंसी एक्सरसाइज़ आयोजित की गई थी। दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक चले इस अभ्यास में विमान दुर्घटना जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा गया। सीआइएसएफ, एयरपोर्ट प्रबंधन, एयरपोर्ट फायर सर्विस, राज्य पुलिस, चिकित्सा विभाग, आपदा प्रबंधन, एंबुलेंस सेवा और अन्य एजेंसियों ने इसमें भाग लिया। ड्रिल के दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों को बार-बार बताया जाता रहा कि यह केवल अभ्यास है, ताकि किसी तरह की घबराहट न फैले। इस अवधि में कोई नियमित विमान संचालन निर्धारित नहीं था। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार ऐसी मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी वास्तविक विमान दुर्घटना की स्थिति में सभी एजेंसियों की तत्परता, समन्वय और प्रतिक्रिया समय का परीक्षण करना है।

सीआईएसएफ के कमांडेंट ने की सराहना

मॉक एक्सरसाइज के समापन पर सीआईएसएफ के कमांडेंट नवीन भगत ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए अभ्यास में शामिल सभी एजेंसियों के उत्कृष्ट समन्वय, अनुशासन और सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।

Updated on:
23 Jul 2026 11:07 am
Published on:
23 Jul 2026 11:07 am