जयपुर

Jaipur: 700 मीटर में ही बना डाले 3 कट… NHAI ने नियमों की उड़ाई धज्जियां, मौत को दावत देते 27 कट

एनएचएआइ के नियमों के अनुसार हाईवे पर दो किलोमीटर दूरी पर एक (तिराहा- चौराहा व यू-टर्न) के लिए कट होना चाहिए। लेकिन राजधानी के इस व्यस्त हाईवे पर मनमर्जी से कट और तिराहे चौराहे बना दिए गए हैं।
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Updated: 22 Dec 2024, 9:42 AM IST
Jaipur Blast news

मुकेश शर्मा। बर्निंग हाईवे बने जयपुर-अजमेर रोड पर एनएचएआई की लापरवाही और मनमानी जानलेवा बनती जा रही है। एनएचएआइ के नियमों के अनुसार हाईवे पर दो किलोमीटर दूरी पर एक (तिराहा- चौराहा व यू-टर्न) के लिए कट होना चाहिए। लेकिन राजधानी के इस व्यस्त हाईवे पर मनमर्जी से कट और तिराहे चौराहे बना दिए गए हैं।

वहीं, हादसे में झुलसे दो लोगों ने शनिवार को एसएमएस अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे में अब मृतकों की संख्या 13 हो गई और घायल 27 लोग हैं। चूंकि डीएनए रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को मिले 5 अज्ञात शवों में एक शव के 2 टुकड़े थे। ऐसे में 5 की जगह 4 ही अज्ञात शव माने जाएंगे। यानी कल मृतकों की संख्या 11 रही थी।

इस भीषण अग्निकांड के बाद राजस्थान पत्रिका टीम ने शनिवार को 200 फीट चौराहा से टोल तक करीब 13 किलोमीटर दूरी का जायजा लिया तो मुख्य हाई-वे पर छह तिराहा चौराहा व यू- टर्न मिले। बेतरतीब दौड़ते वाहनों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन व पुलिसकर्मी भी इक्का-दुक्की जगह ही नजर आए। जिस यू-टर्न पर कंटेनर ने गैस टैंकर को टक्कर मारी, वहां से अजमेर की तरफ जाने-आने के दौरान करीब 2 किलोमीटर दूरी में दो कट हैं।

हाईवे पर ठीकरिया मोड़ से टोल तक 700 मीटर दूरी में तीन कट बने हैं। एक कट बड़ के बालाजी तिराहा पर दिया हुआ है। हादसे में बर्निंग हाईवे बने जयपुर-अजमेर मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। हाईवे पर जयपुर से अजमेर चलें या फिर अजमेर से जयपुर आएं, 200 फीट चौराहा से बगरू टोल तक अव्यवस्थाएं ही देखने को नजर आई। इसके बावजूद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ), परिवहन, पुलिस और संबंधित अन्य विभाग कागजों में ही हाईवे की सुध ले रहे हैं।

जाने के लिए 12 तो आने के लिए 15 कट

जयपुर से अजमेर की तरफ जाते समय सर्विस लेन से हाईवे पर जाने के लिए 12 कट और आने के दौरान 15 कट मिले। यहां कहा नहीं जा सकता कि कब कहां से कौन सर्विस रोड से हाईवे पर आ जाए और एक बड़ी दुर्घटना घट जाए। वहीं, भांकरोटा में हाईवे पर एक जगह लोगों ने सर्विस रोड की रैलिंग तोड़कर पैदल आने-जाने का रास्ता बना लिया। यहां मिनी सिटी बस चालक सवारियों को उतारते व बैठाते हैं। बच्चे भी डिवाइडर कूदकर आते जाते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।

3 पुलिया, 1 निर्माणाधीन, दूसरी चालू नहीं

हाईवे पर अजमेर से जयपुर आते समय कमला नेहरू नगर पुलिया का निर्माण करवाया गया हैं। नई बनी पुलिया पर सड़क भी बन गई, लेकिन दीवारों पर पुताई का काम चल रहा है। इसके चलते अभी पुलिया को चालू नहीं किया गया। अजमेर से जयपुर आने वाले यातायात को जयपुर से अजमेर की तरफ जाने वाली पुलिया से निकाला जा रहा है। जाने वाले ट्रैफिक को सर्विस रोड से निकाला जा रहा है। इससे पुलिया के नीचे कट को बंद कर रखा है। भांकरोटा पुलिया का काम अभी निर्माणाधीन ही है। इसके चलते आने जाने वाला ट्रैफिक सर्विस रोड से निकाला जा रहा है। रामचन्द्रपुरा पुलिया पर ट्रैफिक चालू मिला।

यहां दो जगह लंबे जाम का तोड़ नहीं

अजमेर से जयपुर की तरफ रिंग रोड पर जाने वाले वाहनों की करीब एक सवा किमी दूरी तक कतार लगी रहती है। इससे जयपुर आने वाले वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। वाहनों को रिंग रोड पर जाने के लिए क्लोवर लीफ नहीं बनने से डीपीएस स्कूल कट से यू-टर्न करना पड़ता है। इसी कट पर शुक्रवार सुबह भीषण हादसा हुआ। वहीं जयपुर की तरफ आने वाले वाहनों को 200 फीट चौराहे से पहले जाम में फंसना पड़ता है।

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22 Dec 2024, 9:42 AM IST
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