70 सालों से झंडारोहण की अनूठी परंपरा, गणतंत्र दिवस और स्वाधीनता दिवस पर निभाई जाती है परंपरा, अनूठी सियासी परंपरा का साक्षी बनता है बड़ी चौपड़, कांग्रेस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया झंडारोहण, तो नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने भाजपा की ओर से फहराया तिरंगा
जयपुर।
जयपुर शहर के बड़ी चौपड़ पर बरसों पुरानी परंपरा आज भी निभाई गई। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजनीतिक प्रतिद्वंदी दलों कांग्रेस और भाजपा की ओर से एक ही जगह पर अलग-अलग हुए कार्यक्रमों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
परंपरा के अनुसार आज सबसे पहले कांग्रेस पार्टी का झंडारोहण कार्यक्रम हुआ। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यहां झंडारोहण कर सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। इस अवसर पर पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा,विधायक रफीक खान, अमीन कागजी, पूर्व सांसद अश्क अली टांक, कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
वहीं इसके बाद भाजपा की ओर से झंडारोहण कार्यक्रम हुआ। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व् भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाब चंद कटारिया ने यहां झंडारोहण किया। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया, जयपुर सांसद रामचरण बोहरा, जयपुर शहर अध्यक्ष राघव शर्मा, विधायक अशोक लाहोटी सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पहले पक्ष, फिर विपक्ष करता है ध्वजारोहण
बड़ी चौपड़ पर पिछले लगभग 70 सालों से अनूठी परंपरा अब भी जारी है। यहां पहले झंडारोहण सत्ता पक्ष की ओर से होता है और ठीक उसके बाद विपक्षी दल के नेता राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। इस आयोजन की खास बात यह है कि बड़ी चौपड़ पर झंडारोहण कार्यक्रम का आयोजन दोनों दलों की जिला इकाइयां करती हैं।बड़ी चौपड़ पर होने वाले इस आयोजन के लिए यहां तिरंगा फहराने का 'कोड ऑफ कंडक्ट भी निर्धारित किया हुआ है। पहले सत्ता पक्ष और फिर विपक्षी पार्टी को यह अवसर मिलता है।
विपरीत दिशा में बनते हैं मंच
सत्ता पक्ष के लिए बनाया गया मंच रामगंज चौपड़ की तरफ देखता हुआ होता है और विपक्षी पार्टी के मंच का मुंह सांगानेरी गेट की तरफ बनाया जाता है। सत्ता पक्ष की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री और विपक्षी दल के कार्यक्रम में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ध्वजारोहण करते हैं।