जयपुर

खुशखबरी : जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेस-वे लिंक फर्राटे भरने के लिए तैयार, अब 3 घंटे में दिल्ली पहुंचने का सपना होगा साकार

जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे लिंक का काम पूरा कर लिया गया है, ऐसे में जल्द ही अब इसपर वाहन फर्राटे भरते नजर आएंगे। जल्द ही इसके खुलने की तारीखों का एलान हो सकता है।

2 min read
Jun 01, 2025
Jaipur-Bandikui Expressway link Road (फोटो- पत्रिका)

जयपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे लिंक का निर्माण पूरा कर लिया है। जल्द ही यातायात के लिए इसे खोल दिया जाएगा। इस लिंक रोड से यात्री 3 से 3.5 घंटे में दिल्ली और जयपुर के बीच यात्रा कर सकेंगे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जल्द जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे लिंक पर वाहन दौड़ने वाले हैं। NHAI दौसा PIU के परियोजना निदेशक बीएस यादव ने बताया कि सड़क पहले ही बन चुकी है और उपयोग के लिए तैयार है। प्राधिकरण अब सुरक्षा ऑडिट की एक श्रृंखला और मुख्यालय से अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

कब ओपन होगा जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे लिंक

उन्होंने बताया कि "दिसंबर 2024 में अजमेर रोड पर हुई दुर्घटना के बाद, हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सुरक्षा ऑडिट जारी हैं। एक बार जब हम रिपोर्ट भेज देंगे, तो मुख्यालय तारीखों की घोषणा करेगा। हम अभी सटीक तारीख नहीं बता सकते, लेकिन यह लिंक रोड बहुत जल्द यातायात के लिए खुल जाएगी,"

इन रास्तों से होगी एंट्री

यादव ने बताया कि एक बार जब यह खुल जाएगा, तो जयपुर से आने वाले वाहन (रोटरी सर्किल से आने वाले) इस लिंकवे तक पहुंचने के लिए बगराना क्रॉसिंग पर स्लिप लेन लेंगे। दूसरी ओर, रिंग रोड से आने वाला वाहन क्लोवरलीफ का रैंप लेगा और इस लिंकवे पर उतरेगा। इसी तरह, इस लिंकवे के माध्यम से बांदीकुई की ओर से आने वाले वाहन एक एलिवेटेड रैंप लेंगे। इस क्लोवरलीफ के रैंप में दो निकास हैं - एक आगरा रोड के जयपुर-बाउंड फ्लैंक के लिए और दूसरा रिंग रोड के लिए।

DND तक का सफर करने में सिर्फ 2.5 घंटे का लगेगा समय

एनएचएआई के अधिकारियों ने दावा किया कि यह खंड वाहनों को जयपुर और डीएनडी (दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट) फ्लाईवे के प्रवेश और निकास बिंदुओं के बीच 2.5 घंटे में यात्रा करने में मदद करेगा। हालांकि, रेलवे स्टेशन या इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे तक पहुंचने में 30 से 45 मिनट का समय लग सकता है।

रेलवे ओवरब्रिज के चलते हुई देरी

अधिकारियों ने कहा कि इस ग्रीनफील्ड परियोजना की अंतिम कड़ी एक आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) थी। एनएचएआई ने पहले इस आरओबी के अभाव में एक छोटा सा डायवर्जन बनाकर अप्रैल के अंत तक इस सड़क पर यातायात की अनुमति देने की योजना बनाई थी। यादव ने कहा, "लेकिन हमें यह विकल्प सुरक्षित और व्यावहारिक नहीं लगा। इसके बजाय, हमने जितनी जल्दी हो सके आरओबी के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया। हमने सभी सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए आरओबी का निर्माण पूरा किया।"

Updated on:
01 Jun 2025 10:54 pm
Published on:
01 Jun 2025 09:50 pm
Also Read
View All

अगली खबर