
राजस्थान में मानसून के लिए अभी करना होगा इंतजार, फोटो- पत्रिका
Rajasthan Rains: जयपुर। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वैज्ञानिक राधेश्याम शर्मा ने रविवार को बताया कि राजस्थान में 2 जून से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। ऐसे में 2 जून से 4 जून तक राजस्थान के बड़े इलाके में मौसम का बदलाव देखेने को मिलेगा। इस दौरान कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है, वहीं कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान आ सकते हैं। साथ ही अब जल्द ही राजस्थान में मानसून दस्तक दे सकता है।
उन्होंने कहा कि "अगले 24 घंटों के बाद राजस्थान में फिर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर 2 जून से 4 जून तक राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। रविवार को कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ मध्यम गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
इसके साथ ही 2 जून को बीकानेर, जयपुर, अजमेर और भरतपुर के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, साथ ही तीन से चार दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। 1 जून को कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, साथ ही मध्यम गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "2 जून को शाम को बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर, अजमेर संभाग और भरतपुर संभाग के कई हिस्सों में मध्यम से तेज आंधी-तूफान आने की संभावना है। अगले तीन से चार दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की भी संभावना है।"
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक केरल से शुरू होकर मानसून 8 जुलाई तक पूरे देश में पहुंच जाता है। राजस्थान की बात करें तो आमतौर पर 25 जून के बाद ही मानसून आता है, लेकिन इस बार राजस्थान में पहले ही मानसून दस्तक दे सकता है। पिछले 4 सालों की बात करें तो साल 2020 में 24 जून को मानसून ने राजस्थान में एट्री की। वहीं 2021 में 18 जून, साल 2022 में 30 जून, साल 2023 में 25 जून और साल 2024 में भी राजस्थान के भीतर 25 जून को मानसून की एंट्री हुई। लेकिन इस बार मानसून करीब 5-7 दिन एडवांस चल रहा है, ऐसे में प्रबल संभावना है कि 20 जून तक राजस्थान के भीतर मानसून दस्तक दे सकता है।
इससे पहले, 30 मई को, आईएमडी ने कहा था कि 31 मई तक पूर्वोत्तर राज्यों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, क्योंकि बांग्लादेश पर बना दबाव अगले 12 घंटों के भीतर उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और कमज़ोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने की उम्मीद है। जिसका असर साफ तौर पर देखा जा सकता है, पूर्वोत्तर के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
आईएमडी ने यह भी कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले 4-5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, आंधी-तूफान और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। केरल, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु के घाट क्षेत्रों में भी भारी बारिश का अनुमान है।
पूर्वोत्तर भारत में, अगले 7 दिनों के दौरान काफी व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। इसमें यह भी कहा गया है कि 30 मई से 1 जून तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा होने की संभावना है। इसका असर केरल में जमकर देखने को मिला है।
Updated on:
01 Jun 2025 09:03 pm
Published on:
01 Jun 2025 09:03 pm
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