Dravyavati River Jaipur: भाजपा सरकार के कार्यकाल में ₹1400 करोड़ खर्च कर इस प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दिया गया था।
Jaipur News : राजस्थान की राजधानी जयपुर की पहचान बन चुकी द्रव्यवती नदी (Dravyavati River) के भाग्य एक बार फिर चमकने की उम्मीद जगी है। लगभग 1400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह नदी पिछले कुछ समय से प्रशासन की अनदेखी और प्रदूषण की मार झेल रही थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जेडीए (JDA), नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कमर कस ली है।
हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने द्रव्यवती नदी में बढ़ते प्रदूषण और अपशिष्ट (Waste) को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी। इसी का असर है कि आज जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA), नगर निगम और प्रदूषण विभाग की संयुक्त टीम ने नदी के 40 किलोमीटर लंबे बहाव क्षेत्र का सघन दौरा किया। टीम ने उन पॉइंट्स की पहचान की है जहाँ से नदी में गंदगी मिल रही है।
दौरे के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। नदी के कई इलाकों में सीवर का गंदा पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे नदी में गिराया जा रहा है। अमानीशाह नाले को नदी का रूप देने का मकसद इसे स्वच्छ बनाना था, लेकिन वर्तमान में यह फिर से प्रदूषित होता जा रहा है। स्थानीय निवासी इस पानी से उठने वाली भीषण दुर्गंध से परेशान हैं, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
द्रव्यवती नदी के पुनरुद्धार के साथ-साथ एक और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चर्चा में है। नदी के ऊपर करीब 4 पुल (Elevated Road) बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतरता है, तो जयपुर शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। यह रूट शहर के एक छोर को दूसरे छोर से कनेक्ट करने का सबसे तेज जरिया बनेगा।
भाजपा सरकार के कार्यकाल में ₹1400 करोड़ खर्च कर इस प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दिया गया था। प्रशासन का लक्ष्य है कि नदी को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त कर इसे इको-टूरिज्म के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। यदि नदी का पानी स्वच्छ रहता है और किनारों पर हरियाली विकसित होती है, तो यह न केवल पर्यटकों को लु