बदमाशों में खौफ और आमजन में विश्वास वाला पुलिस का वाक्य एकदम उलट साबित हो रहा है।जयपुर शहर में बदमाश अब इतने बेखौफ हो गए हैं कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बदमाश जानलेवा हमला करने से नहीं चूक रहे हैं।
जयपुर पुलिस का बदमाशों में खौफ और आमजन में विश्वास वाला वाक्य एकदम उलट साबित हो रहा है। शहर में बदमाश अब इतने बेखौफ हो गए हैं कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद जानलेवा हमला करने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला आकोदिया सरपंच से जुड़ा है जहां बदमाशों ने पुलिस की मौजूदगी में ही सरपंच पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में घायल सरपंच की हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना बुधवार को शिवदासपुरा थाना इलाके में स्थित भादरवास गांव की है। जानकारी के अनुसार भादरवास गांव स्थित आबादी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। इस जमीन से कब्जा हटाने के लिए सरपंच अर्जुनलाल मीणा ने कई बार प्रशासन और पुलिस को पत्र लिखकर जाब्ता मांगा। लेकिन जाब्ता नहीं मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी।
बुधवार को अतिक्रमण हटाने के लिए जाब्ता मिल गया था। सरपंच अर्जुन लाल मीणा, पंचायत सचिव घनश्याम, ड्राइवर हेमराज और एक अन्य व्यक्ति चेतन गांव के पास पहुंच गए। यहां थड़ी पर बैठकर चाय पीने लगे। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो में करीब आठ लोग, ऑल्टो कार और बाइक पर आरोपी पहुंचे। इन सभी पर हमला कर दिया। लाठी डंडों से वार किए। सरपंच के दोनों पैर और बायां हाथ तोड़ हमले में टूट गया।
सरपंच पर हुए हमले के बाद करीब 300 लोगों ने शिवदासपुरा थाने का घेराव कर आरोपियों की गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर मौजूद पुलिस ने उस दौरान कार्रवाई की होती तो तो यह घटना नहीं होती। इसके साथ ही हमला करने वाले आरोपी भी मौके पर ही पकड़े जाते। ग्रामीणों ने पुलिस पर बदमाशों से मिलीभगत का आरोपी भी लगाया।