
जयपुर। सेंट्रल पार्क के गेट नंबर-4 के पास से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) राजीव गुप्ता के अपहरण के मामले में पुलिस को बदमाशों के पार्क तक पहुंचने का अहम सुराग मिला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों बदमाश बाइक पर हेलमेट पहनकर एक साथी के साथ सेंट्रल पार्क पहुंचे थे। साथी उन्हें गेट नंबर-4 के पास छोड़कर लौट गया था। पुलिस अब पता लगा रही है कि बाइक कहां से आई थी और चालक कौन था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बदमाश कब से राजीव की रेकी कर रहे थे।
पुलिस सेंट्रल पार्क और आसपास के मार्गों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर बाइक की पहचान में जुटी है। हालांकि बाइक का नंबर स्पष्ट नजर नहीं आ रहा है। पुलिस हुलिए के आधार पर पहले पकड़े जा चुके बदमाशों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। गौरतलब है कि राजीव गुप्ता गुरुवार सुबह रोजाना की तरह सेंट्रल पार्क में वॉक करने पहुंचे थे।
राजीव गुप्ता करीब साढ़े सात बजे गेट नंबर-4 के पास पार्क से निकलकर अपनी मर्सिडीज में बैठने जा रहे थे। तभी बदमाशों ने कार में ही उन्हें बंधक बना लिया और दिल्ली रोड की ओर ले गए। आमेर क्षेत्र में सड़क दुर्घटना होने के बाद बदमाश उन्हें छोड़कर भाग गए।
अशोक नगर थाना पुलिस ने राजीव की रिपोर्ट दर्ज की है। शुक्रवार को उनका मेडिकल करवाया गया। इसके बाद पुलिस उन्हें आमेर क्षेत्र स्थित दिल्ली रोड पर उस स्थान पर ले गई, जहां उनकी मर्सिडीज दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। पुलिस ने मौका मुआयना कर घटनाक्रम समझने का प्रयास किया।
जयपुर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राजीव की दिनचर्या और उनके सेंट्रल पार्क आने की जानकारी बदमाशों तक कैसे पहुंची। सी-स्कीम स्थित उनके कार्यालय में काम करने वाले लोगों और वहां आने-जाने वालों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। अपहरण के बाद राजीव की सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात किया गया है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।