
Rajasthan Weather News : जयपुर में बारिश का दृश्य। फोटो - सोलोमन
Weather Update : राजस्थान में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के असर से राज्य में मानसून की बारिश हो रही है। मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी के अनुसार 12 से 16 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर संभाग के कुछ और भागों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली चमक के साथ बारिश की गतिविधियों में में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।
वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग के अनुसार 13-14 सितंबर को कोटा, उदयपुर संभाग व आस-पास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर संभाग के जिलों में 13 से 16 सितंबर को कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र आज दक्षिणी उड़ीसा व उत्तरी आंध्र प्रदेश से लगे बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इसके आगामी दिनों में धीरे-धीरे मध्य भारत से होकर पश्चिम की ओर आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है। आज मानसून ट्रफ लाइन श्रीगंगानगर, जबलपुर व कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है।
मौसम विभाग के अए अपडेट के अनुसार आज 11 सितंबर से भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली चमक के साथ हल्की मध्यम बारिश का एक नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही 30-40 KMPH की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है।
जयपुर में मौसम बेहद सुहावना है। लगातार हवाएं चल रही है। मौसम विभाग के येलो अलर्ट के अनुसार तीन घंटे में जयपुर कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन के साथ अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा तथा हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
राजस्थान में बारिश का दौर थमने के कारण दिन में गर्मी तेज होने लगी है। गुरुवार को पिलानी (झुंझुनूं) में दिन में सबसे ज्यादा गर्मी रही, यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
उपरोक्त मौसमीय तंत्र के मद्देनजर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, जयपुर, अजमेर व जोधपुर संभाग के लिए निम्रलिखित विशेष कृषि मौसम सलाह दी जाती है।
1- कृषि उपज मंडियों में खुले आसमान में रखे अनाज व जिंसों को सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके।
2- खुले आसमान में पक कर तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें तथा भीगने से बचाव के उपाय करें।
3- फसलों में कीटनाशक व अन्य रसायन का छिड़काव आगामी दिनों में बारिश की संभावना को ध्यान में रखकर ही करें।
Updated on:
11 Sept 2026 07:47 pm
Published on:
11 Sept 2026 07:47 pm
