जयपुर की चौमूं थाना पुलिस ने झूठी शादी रचाकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक दम्पती समेत तीन आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है।
चौमूं (जयपुर)। जयपुर की चौमूं थाना पुलिस ने झूठी शादी रचाकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक दम्पती समेत तीन आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है। ये करीब चार माह से फरार थे। इन तीनों से गहन पूछताछ जारी है, जिससे अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने अन्य जिलों में भी इसी तरह की कई ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है।
पुलिस ने बताया कि परिवादी सुरेश पुत्र मालीराम जीतरवाल जाट निवासी कचोलिया चौमूं के परिचित कानाराम ने उसके भाई की शादी कराने का झांसा देकर भरतपुर व मथुरा में लड़की दिखाकर जल्दबाजी में विवाह तय करवाया।
शादी के नाम पर अलग-अलग बहानों से करीब 5 लाख रुपए वसूले गए। इसके अलावा दुल्हन के कपड़े, जेवर व अन्य सामान भी पीड़ित पक्ष से ही दिलवाया। होटल में शादी कर सामाजिक दबाव में भी राशि वसूली गई। इतना ही नहीं, ससुराल पक्ष ने नई दुल्हन के लिए लाखों के सोने-चांदी के जेवर और महंगे कपड़े भी खरीदे थे। विवाह के बाद महिला गहने पहनकर वॉशरूम जाने का बहाना कर फरार हो गई। जांच में सामने आया कि कथित दुल्हन व उसका साथी पहले से पति-पत्नी हैं और पूर्व में भी ऐसी वारदातें कर चुके हैं।
पुलिस की गठित टीम ने तकनीकी व मुखबिर सूचना के आधार पर मथुरा में दबिश देकर टीटू सिंह पुत्र ओमप्रकाश सिंह भरगर जाट निवासी नंगला बीच पोस्ट पचावर पुलिस थाना महावन मथुरा, उसकी पत्नी राधा एवं देवेन्द्र सिहं पुत्र कारे सिंह जाट निवासी बरौनी चौथ पुलिस थाना डीग भरतपुर शामिल हैं। आरोपी पति अपनी पत्नी का रिश्तेदार बनकर लोगों से मिलता था। फिर जाल फेंककर जरुरतमंद से अपनी पत्नी की शादी करवा देता था। आरोपियों से कई वारदातें खुलने की संभावना है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी हरबेन्द्र सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अशोक कुमार, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र, कांस्टेबल मूलचंद, राकेश एवं महिला कांस्टेबल सुमन की अहम भूमिका रही, जिनकी सतर्कता से गिरोह को पकड़ने में सफलता मिली।