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Rajasthan 12th Board Result : दिहाड़ी मजदूर का बेटा सोनू मेहरा 99.80% के साथ बना ‘ऑल राजस्थान’ टॉपर, तो सरकार ने भी कर दी ये बड़ी घोषणा

Topper Sonu Mehra : टोंक के एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे सोनू मेहरा ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 12वीं विज्ञान परीक्षा में 99.80% अंक हासिल कर पूरे प्रदेश को चौंका दिया है। सोनू की इस असाधारण मेधा को देखते हुए अब भजनलाल सरकार ने उनके आईएएस (IAS) बनने के सपने को पंख देने का फैसला किया है।

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Rajasthan 12th Board topper Sonu Mehra

Rajasthan 12th Board topper Sonu Mehra

राजस्थान के टोंक जिले के एक छोटे से घर से निकलकर सोनू मेहरा ने वह मुकाम हासिल किया है, जो संपन्न परिवारों के बच्चों के लिए भी एक मिसाल है। बुधवार को जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सोनू मेहरा का भव्य अभिनंदन किया। इस दौरान मंत्री ने न केवल सोनू की पीठ थपथपाई, बल्कि एक ऐसी घोषणा की जिसने राजस्थान में प्रतिभाओं के सम्मान की नई इबारत लिख दी है।

शिक्षा मंत्री की बड़ी घोषणा: सरकार उठाएगी UPSC का पूरा खर्च

सोनू मेहरा का लक्ष्य देश की सबसे प्रतिष्ठित यूपीएससी (UPSC) परीक्षा पास कर आईएएस ऑफिसर बनना है। उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने ऐलान किया कि "सोनू मेहरा के यूपीएससी के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उनकी संपूर्ण तैयारी का पूरा व्यय शिक्षा विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।'' यानी कि संसाधनों की कमी अब इस होनहार बेटे के रास्ते का रोड़ा नहीं बनेगी।

इमारतों में रंग भरने वाले पिता का 'रंगीन' हुआ भविष्य

सोनू की यह सफलता किसी फिल्म की कहानी जैसी है। उनके पिता विनोद मेहरा एक दिहाड़ी मजदूर हैं, जो इमारतों में पेंटिंग (कलर) का काम करते हैं।

आर्थिक तंगी: विनोद को महीने में मुश्किल से 20 दिन काम मिल पाता है।

प्राइवेट से सरकारी स्कूल का सफर: आर्थिक तंगी के कारण पिता ने सोनू को 8वीं के बाद प्राइवेट स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में डाल दिया था।

पिता का गौरव: विनोद कहते हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि सोनू 10वीं में टॉप करेगा, लेकिन 12वीं में 99.80% लाकर उसने उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना सच कर दिया।

हिंदी में कटा एकमात्र नंबर

सोनू मेहरा ने नतीजों पर गौर फरमाएं तो उसने कुल पांच में से चार विषयों में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। सोनू का एकमात्र नंबर हिंदी में कटा है, जिससे उसे 99 अंक हासिल हो पाए हैं।

टोंक के सरकारी स्कूल का 'सुपरस्टार'

सोनू ने साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती। सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए उन्होंने साइंस स्ट्रीम में लगभग शत-प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। सोनू का कहना है कि वे आईएएस बनकर प्रदेश की कानून व्यवस्था को और मजबूत करना चाहते हैं, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय मिल सके।

राजस्थान में 'प्रतिभा प्रोत्साहन' का नया मॉडल

भजनलाल सरकार का यह कदम प्रदेश के उन हजारों मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ी उम्मीद है जो गरीबी के कारण अपने सपनों का गला घोंट देते हैं। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार हर उस मेधावी छात्र के साथ खड़ी है जो राजस्थान का नाम रोशन करने का जज्बा रखता है।

सोशल मीडिया पर 'सोनू' की धूम

रिजल्ट आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर सोनू मेहरा की मार्कशीट और उनके पिता के संघर्ष की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। लोग इसे 'असली राजस्थान' की जीत बता रहे हैं। टोंक जिले में सोनू के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।