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Rajasthan Politics : ‘सिर्फ एक महीने में साढ़े 5 लाख नए पदाधिकारी’, भजनलाल सरकार के खिलाफ आखिर क्या है राजस्थान कांग्रेस का नया और बड़ा प्लान?

सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस अब 'बैक टू बेसिक्स' की राह पर चलते हुए सीधे गांवों और वार्डों तक अपनी जड़ें मजबूत करने निकल पड़ी है। इसी के तहत आज से संगठन बढ़ाओ लोकतंत्र बचाओ अभियान का शंखनाद हो गया है।

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Rajasthan Congress govind singh dotasra

Rajasthan Congress govind singh dotasra

राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ''संगठन बढ़ाओ लोकतंत्र बचाओ'' अभियान का आगाज किया है। यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कांग्रेस का वह 'ब्रह्मास्त्र' माना जा रहा है जिसके जरिए पार्टी आगामी स्थानीय चुनावों और 2028 की तैयारी अभी से शुरू कर रही है। पार्टी का लक्ष्य 1 महीने के भीतर प्रदेश भर में 5.5 लाख नए पदाधिकारी तैयार करना है।

मिशन 5.5 लाख: ग्राम पंचायत से लेकर वार्ड तक 'सशक्त कांग्रेस'

कांग्रेस के इस महत्वाकांक्षी अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसकी जमीनी संरचना है। अगले 30 दिनों के भीतर पार्टी निम्नलिखित लक्ष्यों को पूरा करने जा रही है:

  • 14 हजार ग्राम पंचायतें: हर ग्राम पंचायत में 21 सदस्यों की सशक्त कार्यकारिणी बनेगी।
  • 11 हजार वार्ड: नगर निकायों के प्रत्येक वार्ड में भी 21 सदस्यीय टीम का गठन होगा।
  • नई टीम का जन्म: इस प्रक्रिया से राजस्थान के हर गांव और मोहल्ले में कांग्रेस के करीब 5.5 लाख सक्रिय चेहरे सीधे तौर पर संगठन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

तीन चरणों में 'शक्ति प्रदर्शन': 1 से 30 अप्रैल का रोडमैप

कांग्रेस ने इस अभियान को तीन सुव्यवस्थित चरणों में बांटा है ताकि कोई भी कोना छूट न जाए:

  • प्रथम चरण (1-7 अप्रैल): मंडल स्तर पर ग्राम पंचायतों और वार्डों की कार्यकारिणी का गठन होगा। यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है क्योंकि यहाँ से बुनियादी ढांचा तैयार होगा।
  • द्वितीय चरण (8-14 अप्रैल): ब्लॉक, विधानसभा और जिला स्तर पर नियुक्तियों का काम होगा।
  • तृतीय चरण (15 अप्रैल से): प्रदेश स्तर पर इन कार्यकारिणियों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य के बड़े जनआंदोलनों की रणनीति तैयार होगी।

'सरकार' पर सीधा प्रहार, लोकतंत्र बचाने का नारा

इस अभियान का नाम 'लोकतंत्र बचाओ' रखने के पीछे कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति है। गोविन्द सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार को 'पर्ची सरकार' करार देते हुए आरोप लगाया है कि सरकार ने पंचायत और निकाय चुनाव टालकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया है।

  • जन-जागरण अभियान: कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता को बताएंगे कि कैसे चुनाव टालकर उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
  • भाजपा की असलियत: डोटासरा का कहना है कि वे खुद जिला स्तर पर जाकर भाजपा की 'तानाशाही' के खिलाफ आवाज उठाएंगे और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरेंगे।

नई रणनीति: डेडिकेटेड कार्यकर्ताओं की वापसी

पिछले कुछ समय से सुस्त पड़े संगठन को सक्रिय करने के लिए डोटासरा ने पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को फिर से मुख्यधारा में लाने का निर्णय लिया है। उन्होंने आह्वान किया है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए अब कार्यकर्ताओं को अपनी स्थानीय स्तर की शक्ति को पहचानना होगा। ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर सक्रिय लोगों को सीधे संगठन से जोड़ना भाजपा के पन्ना प्रमुख मॉडल का जवाब माना जा रहा है।

राजस्थान के गांवों में बढ़ेगी सियासी तपिश

इस अभियान के तहत कांग्रेस के बड़े नेता, विधायक और पूर्व मंत्री भी अब एसी कमरों से निकलकर धूल भरे रास्तों पर नजर आएंगे। 'संगठन बढ़ाओ' अभियान का सीधा असर राजस्थान की ग्रामीण राजनीति पर पड़ने वाला है। भाजपा के गढ़ों में सेंध लगाने के लिए कांग्रेस अब धरातल पर अपनी संरचना को मजबूत कर रही है।