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दक्षिणी कमान: लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने किया पदभार ग्रहण

लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन (एवीएसएम, एसएम) ने बुधवार को पुणे मिलिट्री स्टेशन में जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी कमान के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

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Lt Gen Sandeep Jain

फोटो पत्रिका नेटवर्क

जयपुर। लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन (एवीएसएम, एसएम) ने बुधवार को पुणे मिलिट्री स्टेशन में जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी कमान के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इससे पहले इस पद पर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (पीवीएसएम, यूवाइएसएम , एवीएसएम) सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने भी बुधवार को उप सेना प्रमुख का पदभार संभाला है।

खास बात है कि, राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर समेत कई हिस्से इस कमान के अधीन आते हैं। जानकारी के अनुसार, नेशनल डिफेंस एकेडमी के पूर्व कैडेट लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने जून 1988 में महार रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त किया।

लगभग चार दशकों के विशिष्ट सैन्य करियर में उन्होंने विविध संचालनात्मक परिदृश्यों में व्यापक कमांड एवं स्टाफ नियुक्तियों का दायित्व संभाला है। दक्षिणी कमान का कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वे मुख्यालय दक्षिणी कमान में चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर तैनात थे।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल जैन ने दक्षिणी कमान युद्ध स्मारक पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा मुख्यालय दक्षिणी कमान में गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया।

स्वदेशी क्षमता विकास पर दिया बल

उन्होंने कहा कि कमान अपने विविध उत्तरदायित्व क्षेत्रों- जिनमें रेगिस्तान, रण एवं क्रीक क्षेत्र, तटीय क्षेत्र, द्वीपीय क्षेत्र तथा भीतरी भूभाग शामिल हैं-में संचालनात्मक तत्परता पर निरंतर ध्यान केंद्रित करती रहेगी। उन्होंने JAI (Jointness, Atmanirbharta and Innovation) ढांचे के अंतर्गत संयुक्तता को सुदृढ़ करने, स्वदेशी क्षमता विकास और प्रौद्योगिकी के समावेशन पर बल दिया तथा सभी रैंकों को बदलती संचालनात्मक चुनौतियों के अनुरूप उच्च स्तर की तैयारी, व्यावसायिकता एवं युद्धक तत्परता बनाए रखने के लिए निर्देशित किया।

अति विशिष्ट सेवा मेडल एवं सेना मेडल से सम्मानित

जनरल अधिकारी ने अर्द्ध-विकसित क्षेत्र तथा दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में एक इन्फैंट्री बटालियन को कमान किया है, साथ ही स्ट्राइक कोर में इन्फैंट्री ब्रिगेड, काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स तथा उत्तरी कमान में पिवट कोर की कमान भी की है। उनके संचालनात्मक अनुभव में ऑपरेशन पवन में भागीदारी, इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवा तथा नियंत्रण रेखा और पूर्वोत्तर क्षेत्र में उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों एवं काउंटर इंसर्जेंसी अभियानों में अनेक कार्यकाल शामिल हैं। वह कर्नलऑफ महार रेजिमेंट भी हैं। जनरल अधिकारी ने आर्मी वार कॉलेज में हायर कमांड कोर्स तथा केन्या में नेशनल डिफेंस कोर्स किया है। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल एवं सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।