
ईसरदा बांध। पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय जल आयोग ने रामजल सेतु लिंक परियोजना की डीपीआर का तकनीकी परीक्षण कर लिया है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के वित्त पोषण के लिए पीआईबी नोट को शीघ्र अंतिम रूप देने और इसके लिए केन्द्र सरकार से आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के विभिन्न घटकों में तेजी लाने और मिशन मोड पर काम करने के निर्देश भी दिए। इस परियोजना को राज्य के जल प्रबंधन के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में रामजल सेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्बती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना) के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने परियोजना के पूर्ण एवं प्रगतिरत कार्यों की जानकारी लेते हुए शेष कार्यों को निश्चित समयावधि में पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए। साथ ही, परियोजना के माध्यम से पेयजल आपूर्ति शीघ्र शुरू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने से कई जिलों में जल संकट से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना की प्रगति के संबंध में मंत्री एवं मुख्यमंत्री स्तर पर नियमित बैठक आयोजित की जाए। सतत पर्यवेक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों से मासिक प्रगति रिपोर्ट ली जाए। उन्होंने परियोजना से प्रभावित लोगों को मुआवजे के संबंध में विशेष निर्देश दिए।
उन्होंने बीसलपुर से मोर सागर (अजमेर), ईसरदा से बंध बारैठा (भरतपुर), ईसरदा से रामगढ़ (जयपुर), खुरा चैनपुरा से जयसमंद (अलवर) एवं ब्राह्मणी बैराज के कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शर्मा ने परियोजना के विभिन्न घटकों के अलाइनमेंट की जानकारी भी ली और परियोजना से संबंधित सभी कार्यों का सघन पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध का कार्य पूरा कर लिया गया है। रामगढ़ बैराज एवं महलपुर बैराज के काफर डेम एवं ड्रेनेज फीडर का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। उन्होंने नवनेरा बैराज से मेज एनीकट के डूब क्षेत्र तक फीडर निर्माण एवं चम्बल एक्वाडक्ट के निर्माण कार्य, मेज एनीकट से गलवा बांध के डूब क्षेत्र तक फीडर ड्रेन, गलवा बांध से ईसरदा डूब क्षेत्र और बीसलपुर डूब क्षेत्र तक फीडर निर्माण की प्रगति से भी अवगत कराया।
अधिकारियों ने बताया कि शेष कार्यों को भी निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Published on:
01 Apr 2026 07:54 pm
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