
Fire Safety Violations: लखनऊ में बीते सोमवार को एक कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद जयपुर नगर निगम ने शहर में बिना सुरक्षा मानकों के धड़ल्ले से चल रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। कोचिंग सेंटर भवनों में सुरक्षा मानक सही नहीं पाए जाने पर 4 कोचिंग सेंटर्स सील किए गए हैं।
जयपुर नगर निगम की चार टीमें मंगलवार सुबह गोपालपुरा रोड स्थित कई कोचिंग सेंटरों के भवनों की सुरक्षा जांच करने पहुंची। नगर निगम की टीमों को देखकर कोचिंग सेंटर संचालकों में खलबली मच गई। मौके पर कुछ कोचिंग सेंटरों ने आज शिक्षण कार्य बंद रखा तो कुछ कोचिंग सेंटर्स बिना सुरक्षा इंतजामों के संचालित होते पाए गए। जिस पर निगम की टीमों ने मौके पर ही 4 कोचिंग सेंटर्स सील कर नोटिस चस्पा कर दिए।
जयपुर नगर निगम की टीमें जब कोचिंग सेंटर पहुंची तो वहां सुरक्षा इंतजामों की पोल खुलती नजर आई। कुछ कोचिंग संस्थानों में छत पर जाने और आने के लिए संकरी सीढ़ियां पाई गई। आपात स्थिति होने पर ऐसे हालात में इन कोचिंग सेंटर्स में जनहानि होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूर्व में हुए निगम के विशेष सर्वे में 139 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 45 संस्थान बिना फायर एनओसी के संचालित पाए गए। नियमों की अनदेखी पर दो कोचिंग सेंटरों को सील भी किया गया। शहर में गोपालपुरा, शास्त्री नगर, विद्याधर नगर, जगतपुरा, प्रताप नगर और रामगढ़ मोड़ जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जहां प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक विद्यार्थी पहुंचते हैं।
कई कोचिंग सेंटर बहुमंजिला भवनों, बेसमेंट और संकरी गलियों में संचालित हो रहे हैं। लेकिन अनेक संस्थानों में आपातकालीन निकास द्वार, फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था जैसे बुनियादी सुरक्षा इंतजाम तक पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में आगजनी या आपदा की स्थिति में विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन सकता है।
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद शहर में भी फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। नगर निगम के हालिया सर्वे में सामने आया है कि शहर में बड़ी संख्या में व्यावसायिक और संस्थागत इमारतें बिना फायर एनओसी या अधूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं के संचालित हो रही हैं।
निगम के विशेष अभियान के दौरान मात्र 20 दिनों में 1,250 से अधिक इमारतें फायर एनओसी के बिना संचालित मिलीं। इनमें होटल, अस्पताल, मॉल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। कई भवनों में आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्र और विद्युत सुरक्षा जैसी अनिवार्य व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया। शहर के बहुमंजिला भवनों और भीड़भाड़ वाले परिसरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी आपदा की स्थिति में गंभीर खतरा बन सकती है।