
Jaipur Crime : जयपुर में चोरी और नकबजनी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए आमेर थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फेरीवाला बनकर कॉलोनियों में कपड़े बेचने के बहाने सूने मकानों की रैकी करते थे। मौका मिलते ही ताला या खिड़की-जाली तोड़कर घर के अंदर घुसते और सोने-चांदी के जेवरात व नकदी चुराकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने एक आरोपी को जयपुर से और उसके साथी को 900 किलोमीटर पीछा कर वाराणसी (यूपी) से दबोचा है।
डीसीपी (नॉर्थ) करण शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी हांडीपुरा (आमेर) निवासी मोहम्मद वसीम (37 वर्ष) और जौनपुर (यूपी) निवासी शमशेर अली (25 वर्ष) हैं। इस संबंध में आमेर निवासी जयचन्द गुप्ता ने 18 अगस्त को मामला दर्ज कराया था कि अज्ञात चोर उनके मकान से करीब 750 ग्राम चांदी व 20 ग्राम सोने के आभूषण और 20 हजार रुपए की नकदी चुरा ले गए हैं।
वसीम ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वारदात में उसका साथी शमशेर अली शामिल था, जो चोरी का सारा माल लेकर जयपुर से भाग गया। पुलिस टीम ने लगातार पीछा करते हुए करीब 900 किलोमीटर दूर वाराणसी से शमशेर अली को दबोच लिया। आरोपियों के पास से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और जयपुर में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। वे दिन में कपड़े, सूट और साड़ियां बेचने के बहाने गली-मोहल्लों में घूमते थे और ताला लगे सूने मकानों को चिन्हित कर वारदात को अंजाम देते थे।
वारदात के बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर आरोपियों के हुलिए और उनकी गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं। पूछताछ में गैंग के जयपुर और अन्य शहरों में की गई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है। पुलिस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी कर रही है।