जयपुर

Jaipur: फोन हैंग हुआ… ठीक होते ही 3.75 लाख गायब! खतरनाक है साइबर ठगी का ये नया तरीका

Cyber Crime: मोबाइल दोबारा सही हुआ तो पता चला कि उसके क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपए के ट्रांजेक्शन हो चुके हैं। बैंक से मिली जानकारी ने उसके होश उड़ा दिए।
2 min read
Sep 23, 2026
Rajasthan Cyber Fraud, Online Scam Rajasthan, WhatsApp Scam,
प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT AI

Cyber Fraud News: साइबर ठग अब ओटीपी या बैंक खाते की जानकारी मांगने के साथ-साथ ऐसे तरीके भी अपना रहे हैं, जिनमें पीड़ित को ठगी का पता ही देर से चलता है। जयपुर के करणी विहार थाना क्षेत्र में ऐसा ही मामला सामने आया है। पीड़ित का फोन अचानक हैंग होकर बंद हो गया। मोबाइल दोबारा सही हुआ तो पता चला कि उसके क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपए के ट्रांजेक्शन हो चुके हैं। बैंक से मिली जानकारी ने उसके होश उड़ा दिए।


फोन नहीं चला तो समझ नहीं आया, अगले दिन बैंक ने बताया छह ट्रांजेक्शन


पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार करणी विहार क्षेत्र निवासी 53 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि 20 मई 2026 को उसने अपना मोबाइल चेक किया तो वह चालू नहीं हो रहा था। अगले दिन 21 मई को आईसीआईसीआई बैंक के कस्टमर केयर नंबर से फोन आया। बैंक की ओर से बताया गया कि उसके क्रेडिट कार्ड से छह ट्रांजेक्शन हुए हैं और कुल 3.75 लाख रुपए की राशि खर्च की गई है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि ये सभी ट्रांजेक्शन उसने नहीं किए और न ही उसे इनके बारे में कोई जानकारी थी। शिकायत के आधार पर करणी विहार थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।


एक और मामले में 6.30 लाख रुपए की चपत


जयपुर के विद्याधर नगर थाना क्षेत्र में भी क्रेडिट कार्ड से बड़ी रकम की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार जगदंबा कॉलोनी निवासी 46 वर्षीय व्यक्ति को अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उसके दो क्रेडिट कार्ड से कुल 6.30 लाख रुपए की कटौती हो गई। दोनों मामलों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मोबाइल, बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही कितनी बड़ी आर्थिक परेशानी में बदल सकती है।


ठगी होते ही सबसे पहले ये 5 काम करें


1. तुरंत 1930 पर कॉल करें: वित्तीय साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 चौबीसों घंटे उपलब्ध है।
2. cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें: 1930 के साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और शिकायत संख्या सुरक्षित रखें।
3. बैंक/कार्ड जारी करने वाले संस्थान को तुरंत सूचना दें: कार्ड ब्लॉक करवाएं और अनधिकृत ट्रांजेक्शन की शिकायत दर्ज कर उसका शिकायत नंबर लें। RBI के अनुसार बैंक को अनधिकृत लेनदेन की सूचना तत्काल देना महत्वपूर्ण है।
4. सबूत न मिटाएं: ठगी से जुड़े SMS, बैंक अलर्ट, कॉल नंबर, व्हाट्सऐप चैट, ई-मेल, स्क्रीनशॉट और ट्रांजेक्शन आईडी सुरक्षित रखें। साइबर शिकायत में लेनदेन की तारीख, रकम और ट्रांजेक्शन संबंधी जानकारी उपयोगी होती है।
5. पुलिस को भी सूचना दें: जरूरत के अनुसार संबंधित थाने में शिकायत/FIR दर्ज कराएं। अगर मोबाइल या बैंकिंग ऐप से छेड़छाड़ का संदेह हो तो डिवाइस को सुरक्षित रखते हुए विशेषज्ञ/पुलिस की मदद लें।


सबसे जरूरी बात: बैंक, पुलिस या कस्टमर केयर बनकर फोन करने वाला व्यक्ति यदि कार्ड नंबर, सीवीवी, ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड मांगता है तो जानकारी साझा न करें। किसी भी अनधिकृत लेनदेन की सूचना देने में देरी न करें।

Updated on:
23 Sept 2026 11:12 am
Published on:
23 Sept 2026 11:12 am