जयपुर

जयपुर: जल्दी दौलतमंद बनने की ख्वाहिश में बना लिया जालसाजी का नेटवर्क, 2500 रुपए किराए की दुकान से चला रहे थे साइबर फ्रॉड रैकेट

Jaipur Crime: सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाली गैंग पकड़ी गई। 2500 रुपए में किराए की दुकान लेकर साइबर फ्रॉड का नेटवर्क चला रहे थे। जल्दी अमीर बनने की चाह में जालसाजी करते थे और हर ठगी के बाद सिम बदल देते थे।
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Nov 30, 2025
Jaipur Cyber Fraud Racket
आरोपी गिरफ्तार (फोटो- पत्रिका)

Jaipur Crime: जयपुर: साइबर शील्ड अभियान के तहत वेस्ट जिले की साइबर सेल ने शनिवार को सोशल मीडिया और मोबाइल एप पर सस्ते सामान के विज्ञापन डालकर ठगी करने वाले छह जालसाजों को गिरफ्तार किया है।

डीसीपी (वेस्ट) हनुमान प्रसाद मीणा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में रविशंकर योगी निवासी टोडाभीम, विनोद कुमार मीणा निवासी लक्ष्मीनगर अखैपुरा, मेहरखान निवासी करणी विहार आकेड़ा डूंगर और सूरज मीणा निवासी करनी विहार कॉलोनी रोड नंबर 17 शामिल हैं। दो अन्य आरोपियों को शांतिभंग के आरोप में पकड़ा गया है। आरोपियों से तीन मोबाइल और चेक बुक बरामद की है।

जांच में पता चला कि रविशंकर और विनोद मीणा ने विश्वकर्मा इलाके में एक दुकान 2500 रुपए में किराए पर लेकर ठगी का काम शुरू किया था। वे सोशल मीडिया और विभिन्न एप पर सस्ते दामों पर पेपर रीम बेचने के विज्ञापन डालते थे। ग्राहक फंसते ही एडवांस राशि मंगवा ली जाती और बाद में मोबाइल सिम बंद कर दी जाती। इसके बाद नए नंबर से फिर विज्ञापन अपलोड करते थे।

सट्टेबाजी एप में भी करता निवेश, साइबर सेल कर रही जांच

पुलिस को आरोपियों के पास से जल्दी दौलतमंद बनने की किताब भी मिली। रविशंकर ने बताया कि वह जल्दी अमीर बनने की चाहत में साइबर ठगी की कमाई को अलग-अलग खातों में मंगवाता और उसे सट्टेबाजी एप में निवेश करता था। पुलिस ने कहा कि सट्टेबाजी एप के संबंध में साइबर सेल जयपुर की मदद से आगे कार्रवाई की जाएगी।

बैंक खाते और स्कैनर

आरोपियों ने बैंक खातों की व्यवस्था का काम सूरज मीणा और मेहर खान को सौंप रखा था। ये दोनों कमिशन पर बैंक खाते और एटीएम उपलब्ध करवाते थे। शांतिभंग में पकड़े गए दो युवक आसपास के दुकानदारों से कई स्कैनर ले आते और उन्हीं से पेमेंट डलवाकर कमीशन पर रकम विड्रो करते थे।

Updated on:
30 Nov 2025 08:02 am
Published on:
30 Nov 2025 08:02 am